Weakness During Fast: भारत में व्रत या उपवास रखना हमारी परंपरा का एक बहुत ही खास हिस्सा है। चाहे नवरात्रि हो या कोई और त्योहार, लोग पूरी श्रद्धा के साथ उपवास रखते हैं। लेकिन अक्सर यह देखा जाता है कि व्रत के दूसरे या तीसरे दिन से ही लोगों को सिरदर्द, चक्कर आना, सुस्ती और मांसपेशियों में खिंचाव जैसी परेशानियां होने लगती हैं। ज्यादातर लोगों को लगता है कि ऐसा खाना न खाने की वजह से हो रहा है, जबकि इसके पीछे असल वजह शरीर में जरूरी पोषक तत्वों और इलेक्ट्रोलाइट्स की अचानक कमी होना है। हेल्थलाइन और पबमेड, NCBI के अनुसार, उपवास के दौरान शरीर में माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी होना ही थकान और सुस्ती का सबसे मुख्य कारण बनती है। आइए समझते हैं कि व्रत में कमजोरी क्यों आती है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
रिसर्च क्या कहती है? क्यों महसूस होती है थकान?
पबमेड पर प्रकाशित एक रिसर्च स्टडी के मुताबिक, जब हम लंबे समय तक उपवास रखते हैं या सीमित डाइट लेते हैं, तो हमारे शरीर में सूक्ष्म पोषक तत्वों यानी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स का स्तर तेजी से नीचे गिरने लगता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार भी, शरीर में जरूरी मिनरल्स की कमी होने पर इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बिगड़ जाता है। जब शरीर को एनर्जी के लिए सही मात्रा में ग्लूकोज और न्यूट्रिएंट्स नहीं मिलते, तो हमारा मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है। नतीजा यह होता है कि थोड़ा सा भी काम करने पर शरीर थकने लगता है।
व्रत में कमजोरी आयरन, बी12, मैग्नीशियम और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी से हो सकती है
उपवास के दौरान जब हम अपना सामान्य खानपान छोड़ देते हैं, तो मुख्य रूप से इन पोषक तत्वों का संतुलन बिगड़ता है;
1. सोडियम और पोटैशियम (इलेक्ट्रोलाइट्स)- व्रत में सादा नमक न खाने या कम खाने से शरीर में सोडियम का लेवल गिर जाता है। पोटैशियम और सोडियम की कमी से ही चक्कर आना, ब्लड प्रेशर लो होना और मांसपेशियों में ऐंठन यानी क्रैम्प्स जैसी दिक्कतें होती हैं।
2. आयरन- अगर व्रत की डाइट में आयरन से भरपूर आहार शामिल न हो, तो हीमोग्लोबिन पर असर पड़ता है और शरीर के अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, जिससे भारी थकान महसूस होती है।
3. कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स- केवल मीठे फल या तली-भुनी चीजें खाने से अचानक शुगर बढ़ती है और फिर तेजी से नीचे गिरती है। शरीर को लगातार एनर्जी देने के लिए सही कार्बोहाइड्रेट्स की जरूरत होती है।
4. विटामिन बी12 और मैग्नीशियम- यह न्यूट्रिएंट्स हमारे नर्वस सिस्टम और मांसपेशियों को चालू रखने के लिए जिम्मेदार होते हैं। इनकी कमी से हाथ-पांव में झुनझुनी और सुस्ती आने लगती है।
उपवास में कमजोरी दूर करने के 5 असरदार उपाय
फिजिशियन डॉ बाबूलाल वर्मा के अनुसार, अगर आप भी व्रत के दौरान तरो-ताजा और ऊर्जावान रहना चाहते हैं, तो अपनी डाइट में कुछ आसान बदलाव जरूर करें:
- सेंधा नमक का सही इस्तेमाल करें- व्रत में पूरी तरह नमक छोड़ देने की गलती न करें। अपने फलाहार में उचित मात्रा में सेंधा नमक मिलाएं ताकि शरीर में सोडियम और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बना रहे।
- हाइड्रेशन से न करें समझौता- सिर्फ पानी पीने के बजाय बीच-बीच में नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ या लस्सी का सेवन करें। नारियल पानी नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट्स का सबसे बेहतरीन जरिया है जो तुरंत एनर्जी देता है।
- ड्राई फ्रूट्स और मखाने खाएं- सुबह और शाम के नाश्ते में भीगे हुए बादाम, अखरोट, खजूर और रोस्ट किए हुए मखाने शामिल करें। इनमें हेल्दी फैट्स, मैग्नीशियम और प्रोटीन होता है जो शरीर को धीरे-धीरे एनर्जी प्रदान करता है।
- तले-भुने खाने से बचें- कुट्टू की पूरी, पकौड़े या ज्यादा चीनी वाली मिठाइयां खाने से पाचन तंत्र पर दबाव पड़ता है और आलस बढ़ता है। इसकी जगह कुट्टू या सिंघाड़े के आटे की रोटी, उबले समा के चावल का पुलाव या फलाहारी खिचड़ी खाएं।

