भास्कर न्यूज | जामताड़ा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर देशभर में चल रहे विरोध के समर्थन में शनिवार को जामताड़ा में वामपंथी और धर्मनिरपेक्ष दलों ने धरना-प्रदर्शन किया। अनुमंडल कार्यालय के समक्ष आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। एसआईआर प्रक्रिया रद्द करने की मांग उठी। मतदाता सूची से हटाए गए सभी वैध मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने की मांग की गई। धरने की अध्यक्षता माकपा जिला कमेटी के सचिव सुजीत कुमार माजी ने की। वक्ताओं ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई विरोध सभा के समर्थन में जामताड़ा समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में आंदोलन हो रहा है। आरोप लगाया कि एसआईआर के जरिए बड़ी संख्या में मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने की कोशिश हो रही है। इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया गया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याओं, महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर जनता की अपेक्षाएं पूरी नहीं कर पाई। वक्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए गए। आरोप लगाया कि एसआईआर को लेकर अपनाई जा रही प्रक्रिया से मतदाताओं में असमंजस बढ़ रहा है। वैध मतदाताओं के नाम नहीं जोड़े गए तो आंदोलन तेज होगा। एसआईआर पर उठ रही आपत्तियों का समाधान नहीं हुआ तो अभियान गांव-गांव, गली-गली तक चलाया जाएगा। धरना कार्यक्रम को माकपा राज्य सचिव मंडल के सदस्य सुरजीत सिन्हा, भाकपा माले के देबू चौधरी, जयप्रकाश मंडल, चंडी दास पुरी, लखनलाल मंडल, लकी सोरेन, इंडिया गठबंधन के नंदकिशोर सिंह ने संबोधित किया। मौके पर भाकपा के प्रभारी जिला सचिव संजय कुमार मेहता, गोविंद पंडित, लखीराम मुर्मू, इब्राहिम अंसारी, रसिक, दुबराज भंडारी मौजूद थे। भास्कर न्यूज | जामताड़ा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर देशभर में चल रहे विरोध के समर्थन में शनिवार को जामताड़ा में वामपंथी और धर्मनिरपेक्ष दलों ने धरना-प्रदर्शन किया। अनुमंडल कार्यालय के समक्ष आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। एसआईआर प्रक्रिया रद्द करने की मांग उठी। मतदाता सूची से हटाए गए सभी वैध मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने की मांग की गई। धरने की अध्यक्षता माकपा जिला कमेटी के सचिव सुजीत कुमार माजी ने की। वक्ताओं ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई विरोध सभा के समर्थन में जामताड़ा समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में आंदोलन हो रहा है। आरोप लगाया कि एसआईआर के जरिए बड़ी संख्या में मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने की कोशिश हो रही है। इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया गया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याओं, महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर जनता की अपेक्षाएं पूरी नहीं कर पाई। वक्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए गए। आरोप लगाया कि एसआईआर को लेकर अपनाई जा रही प्रक्रिया से मतदाताओं में असमंजस बढ़ रहा है। वैध मतदाताओं के नाम नहीं जोड़े गए तो आंदोलन तेज होगा। एसआईआर पर उठ रही आपत्तियों का समाधान नहीं हुआ तो अभियान गांव-गांव, गली-गली तक चलाया जाएगा। धरना कार्यक्रम को माकपा राज्य सचिव मंडल के सदस्य सुरजीत सिन्हा, भाकपा माले के देबू चौधरी, जयप्रकाश मंडल, चंडी दास पुरी, लखनलाल मंडल, लकी सोरेन, इंडिया गठबंधन के नंदकिशोर सिंह ने संबोधित किया। मौके पर भाकपा के प्रभारी जिला सचिव संजय कुमार मेहता, गोविंद पंडित, लखीराम मुर्मू, इब्राहिम अंसारी, रसिक, दुबराज भंडारी मौजूद थे।

