Navratri Guide For Diabetes Patients: नवरात्रि का त्योहार भक्ति, श्रद्धा और नियम-संयम का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान बहुत से लोग नौ दिनों का उपवास रखते हैं। लेकिन अगर आपको डायबिटीज यानी शुगर की समस्या है, तो बिना सही तैयारी के लंबे समय तक भूखा रहना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। अक्सर व्रत के दौरान लंबे समय तक कुछ न खाने से शरीर में शुगर का लेवल एकदम से गिर जाता है। वहीं दूसरी ओर, फलाहार में बार-बार आलू, साबूदाना, कुट्टू के पकोड़े या मिठाइयां खाने से शुगर लेवल अचानक बहुत तेजी से बढ़ भी सकता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, व्रत शुरू करने से पहले यानी सरगी या व्रत के पहले खाए जाने वाले भोजन में ऐसी चीजें खानी चाहिए जो शरीर को लंबे समय तक धीरे-धीरे ताकत देती रहें। इसके लिए साबुत अनाज या फाइबर से भरपूर चीजें और प्रोटीन खाना बहुत फायदेमंद होता है, जिससे दिनभर कमजोरी महसूस नहीं होती और शरीर में ऊर्जा बनी रहती है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को उपवास के दौरान खास सावधानी बरतनी चाहिए ताकि भक्ति के साथ-साथ सेहत भी पूरी तरह दुरुस्त रहे।
व्रत शुरू करने से पहले लें डॉक्टर की सलाह
डायबेटोलॉजिस्ट डॉ विपुल अग्रवाल के अनुसार, अगर आप शुगर की दवाएं लेते हैं या इंसुलिन लगाते हैं, तो व्रत शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर बात करें। उपवास के दौरान भोजन का समय और मात्रा बदल जाती है, इसलिए डॉक्टर आपकी दवाओं की खुराक (Dose) और समय में बदलाव कर सकते हैं। अपनी मर्जी से दवाएं बंद करना या कम-ज्यादा करना खतरनाक हो सकता है।
किन लोगों को पूरे दिन का व्रत नहीं रखना चाहिए?
विशेषज्ञ के अनुसार, नीचे दी गई स्थितियों में मरीजों को निर्जला या लंबे समय का फलाहार व्रत रखने से बचना चाहिए;
- टाइप-1 डायबिटीज।
- बार-बार शुगर कम होना।
- गर्भवती महिलाएं।
- गंभीर बीमारी।
- हाल ही में अस्पताल में भर्ती होना।
व्रत में क्या खाएं जिससे शुगर रहे कंट्रोल
व्रत के दौरान सही खान-पान का चुनाव करने से शरीर को ताकत भी मिलती है और ब्लड शुगर भी संतुलित रहता है;
- प्रोटीन और हेल्दी फैट्स- अपने आहार में मखाना, दही, छाछ, पनीर, बादाम, अखरोट और मूंगफली को शामिल करें। ये चीजें पेट को लंबे समय तक भरा रखती हैं और शुगर को अचानक बढ़ने नहीं देतीं।
- हरी और फाइबर युक्त सब्जियां- लौकी, कद्दू, खीरा, टमाटर और पालक जैसी सब्जियों का सेवन करें। इनसे शरीर को जरूरी फाइबर और पोषण मिलता है।
- अनाज का सही चुनाव- कुट्टू या सिंघाड़े के आटे की बनी चीजें सीमित मात्रा में ही लें (जैसे 1-2 छोटी रोटी)। इसे हमेशा दही और हरी सब्जी के साथ ही खाएं।
- ताजे फल- सेब, पपीता, अमरूद या जामुन जैसी चीजें एक बार में एक छोटी कटोरी ही खाएं। फलों का जूस पीने के बजाय साबुत फल चबाकर खाना ज्यादा फायदेमंद होता है। तरल पदार्थ: दिनभर में भरपूर पानी पीएं। इसके अलावा बिना चीनी का नींबू पानी और नारियल पानी पीते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
किन चीजों से पूरी तरह परहेज करें
उपवास के नाम पर मिलने वाली कई पारंपरिक चीजें शुगर लेवल को तेजी से बढ़ा सकती हैं, इसलिए इनसे दूरी बनाएं;
1.साबूदाना- साबूदाना खिचड़ी, वड़ा या पापड़ में स्टार्च बहुत ज्यादा होता है, जो शुगर तेजी से बढ़ाता है।
2. तल-भुना खाना- तले हुए आलू, आलू चिप्स, कुट्टू के पकोड़े और पूरी खाने से बचें।मीठी चीजें: व्रत वाली मिठाइयां, हलवा, खीर या ज्यादा चीनी वाली चाय और कॉफी से दूर रहें।
खाने का सही तरीका और समय
हर 3 से 4 घंटे में कुछ न कुछ हल्का और पौष्टिक खाते रहें। सुबह की शुरुआत थोड़े से मेवे (ड्राई फ्रूट्स), दही या पनीर से करें। रात को बहुत देर से या भारी खाना न खाएं। अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर की भी शिकायत है, तो सेंधा नमक का इस्तेमाल भी सीमित मात्रा में ही करें।
ब्लड शुगर की जांच और हाइपोग्लाइसीमिया के लक्षण
अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के अनुसार, व्रत के दौरान दिन में कम से कम 2 से 3 बार ग्लूकोमीटर से अपनी शुगर जरूर जांचें। अगर आपको अचानक बहुत ज्यादा पसीना आए, चक्कर आएं, घबराहट हो, हाथ-पैर कांपने लगें या बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस हो, तो यह शुगर लेवल कम (हाइपोग्लाइसीमिया) होने का संकेत है। ऐसी स्थिति में बिल्कुल भी देर न करें और तुरंत अपना व्रत तोड़कर आधा गिलास पानी में चीनी या ग्लूकोज घोलकर पी लें। इसके 15 मिनट बाद दोबारा शुगर चेक करें।

