सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या के अवसर पर गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ ने वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के लिए सामूहिक तर्पण एवं पिंडदान संस्कार कराया। कार्यक्रम में 6 वृद्ध महिलाओं और 26 पुरुषों सहित कुल 32 परिजनों ने अपने पूर्वजों की आत्मशांति के लिए श्रद्धापूर्वक तर्पण और पिंडदान किया। गायत्री परिवार के जिला समन्वयक सुरेंद्र प्रजापति एवं युवा प्रकोष्ठ के जिला समन्वयक सुनील सेन ने बताया कि प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी सामूहिक तर्पण कराया गया। परिव्राजक राजनारायण शर्मा ने सूर्यदेव के समक्ष सभी को पितरों के लिए जलांजलि अर्पित कराई। उन्होंने कहा कि अपने लिए अर्पण, समाज के लिए समर्पण और पितरों के लिए तर्पण मानव जाति का धर्म है। सुनील सेन ने कहा कि हम पितरों को श्रद्धा देते हैं और उनसे शक्ति प्राप्त करते हैं, इसी का नाम श्राद्ध है। कार्यक्रम में गायत्री परिवार के तहसील समन्वयक गुमान सिंह कुशवाह, भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा प्रभारी श्रीराम शर्मा, युवा प्रकोष्ठ के रवि कुमार कुशवाह, राहुल सेन, जितेंद्र शर्मा, श्याम श्रीवास्तव, रामनाथ महेरा, वीरेंद्र गोस्वामी, प्रखर प्रजापति, निखिल गोस्वामी और श्रेष्ठ सेन सहित युवा प्रकोष्ठ के सदस्य उपस्थित रहे। सेवा भारती ने गायत्री परिवार के परिजनों का आभार जताया और समाज उत्थान के कार्यों की सराहना की।

