हरियाणा मंत्रिमंडल ने पूर्व अग्निवीरों को सरकारी विभागों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य की अग्निवीर नीति में संशोधन को शनिवार को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत अधिक पात्र महिलाओं को योजना का लाभ मिल सकेगा और इसके क्रियान्वयन को सरल बनाया जाएगा।
संशोधित अग्निवीर नीति के तहत, नीति के दायरे में आने वाले ग्रुप-सी के पदों पर भर्ती के लिए पूर्व अग्निवीरों को निर्धारित सभी परीक्षाओं से छूट दी जाएगी। आरक्षण और अन्य लागू प्रावधानों के अधीन उन्हें विज्ञापन जारी किये गए पदों पर सीधी नियुक्ति के लिए विचार किया जाएगा। पूर्व अग्निवीरों को पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग में वन्यजीव रक्षक, भारतीय रिजर्व बटालियन में कांस्टेबल, राज्य आपदा मोचन बल में कांस्टेबल और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में फायर ऑपरेटर-सह-ड्राइवर के पदों के लिए आवेदन करने पर शारीरिक जांच परीक्षा (पीएसटी) और शारीरिक माप परीक्षा (पीएमटी) से भी छूट मिलेगी।
इन पदों को हाल ही में पूर्व अग्निवीरों के लिए राज्य की मौजूदा आरक्षण नीति के दायरे में शामिल किया गया था। मंत्रिमंडल ने खान एवं भूविज्ञान विभाग में माइनिंग गार्ड के पद को ग्रुप-डी से ग्रुप-सी में शामिल करने की सैद्धांतिक मंजूरी भी दी। इसके लिए हरियाणा खान एवं भूविज्ञान विभाग (ग्रुप-सी) सेवा नियम, 1998 में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।
इस फैसले से सरकारी नौकरियों में भर्ती के दौरान पूर्व अग्निवीरों के लिए अधिसूचित आरक्षण और अन्य लाभों को लागू करने में मदद मिलेगी। मंत्रिमंडल ने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत पात्रता के लिए परिवार की वार्षिक आय सीमा एक लाख रुपये से बढ़ाकर एक लाख 80 हजार रुपये करने को भी मंजूरी दी। इससे अधिक संख्या में पात्र महिलाएं योजना का लाभ उठा सकेंगी।

