वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते को बदली हुई परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अंतिम रूप दिया जाएगा। दोनों देशों ने फरवरी में इस समझौते के लिए एक रूपरेखा पर सहमति बनने की घोषणा की थी। उन्होंने यह भी कहा कि इजराइल, चिली, जीसीसी (खाड़ी सहयोग परिषद) और रूस के नेतृत्व वाले यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (ईएईयू) समेत कई क्षेत्रों के साथ व्यापार समझौते को लेकर बातचीत की जा रही है।
गोयल ने उद्योग मंडल पीएचडीसीसीआई के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘अमेरिका व्यापार समझौता फरवरी में घोषित हुआ। थोड़ी परिस्थितियां बदली हुईं हैं। उसे ध्यान में रखते हुए समझौते को अंतिम रूप दिया जाएगा।’’
भारत अमेरिकी बाजार में अपने उत्पादों के लिए प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में कम शुल्क चाहता है।
मंत्री ने बदली हुई परिस्थितियों का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया। हालांकि, अमेरिका की शुल्क नीति में बदलाव के कारण दोनों देशों के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण पर आगे बातचीत जारी है। गोयल ने इस महीने की शुरुआत में अमेरिका के मिल्वॉकी में जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक से इतर अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर से मुलाकात की थी।
दोनों के बीच व्यापार समझौते से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि भारत इजराइल, चिली, खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) और रूस के नेतृत्व वाले यूरेशियन आर्थिक संघ (ईएईयू) समेत कई देशों और क्षेत्रीय समूहों के साथ व्यापार समझौतों पर बातचीत कर रहा है। मंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के बाद दिए गए बयानों और उनके व्यवहार की आलोचना की।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का व्यवहार आपत्तिजनक था और उन्होंने राष्ट्रपति का अपमान किया। गोयल ने विपक्षी नेताओं पर सुरक्षाकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप भी लगाया। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार शाम राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात कर कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर ज्ञापन सौंपा था।
राहुल गांधी ने मुलाकात के बाद कहा था कि वह इस बात से हैरान हैं कि राष्ट्रपति ने चुनाव में कथित धांधली के आरोपों को खारिज नहीं किया और विपक्षी नेताओं की बातों को स्वीकार किया।

