Raj Thackeray on Modi Shah: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने और पुलिस की कार्रवाई पर ठाकरे ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर सत्ता के जरिए तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
‘मोदी-शाह की जोड़ी तानाशाही से ग्रसित’
राज ठाकरे ने अपने बयान में कहा कि देश की आजादी, लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नवंबर 1949 में संविधान सभा में दिए गए विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी नेता के प्रति अंधभक्ति के कारण देश के हितों और स्वतंत्रता को दांव पर नहीं लगाया जा सकता।
ठाकरे ने आरोप लगाया कि मोदी और शाह की जोड़ी तानाशाही की मानसिकता से ग्रसित है। उनके मुताबिक, इस जोड़ी ने देश की विभिन्न संस्थाओं पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है और सत्ता का इस्तेमाल कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। ये राज ठाकरे द्वारा लगाए गए आरोप हैं।
प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए राज ठाकरे ने पूछा कि क्या देश में लोगों को विरोध प्रदर्शन करने और सरकार से सवाल पूछने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति जताना और सत्ता से जवाब मांगना नागरिकों का अधिकार है। प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की कार्रवाई को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार की आलोचना की। ठाकरे ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शन को कवर कर रहीं महिला पत्रकारों को परेशान किया। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन
CJP की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन आयोजित किया गया था। पार्टी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठा रही है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
राज ठाकरे ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर सत्ता के दुरुपयोग और विरोध की आवाज दबाने की कोशिशें जारी रहीं, तो इसके खिलाफ मजबूती से आवाज उठानी होगी। उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करने की जरूरत पर जोर दिया।

