पटना के पांच बड़े होटलों में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शुक्रवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान रसोई की सफाई, खाद्य पदार्थों के रखरखाव और खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता में कई कमियां मिलीं। द पनाश होटल में करीब 10 किलो मटन-चिकन और 6 पैकेट ब्रेड नष्ट कराए गए। वहीं, दूसरे होटलों में एक्सपायरी खाद्य सामग्री मिलने पर उसे भी नष्ट कराया गया। टीम ने अलग-अलग खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। सभी होटलों को कमियां दूर करने के लिए 14 दिनों का समय दिया गया है। खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। टीम ने होटल गार्गी ग्रैंड, पाटलिपुत्र एक्सोटिका, द पनाश, होटल मौर्या और लेमन ट्री का निरीक्षण किया। इस दौरान रसोई की सफाई, खाद्य सामग्री रखने के तरीके, कर्मचारियों की साफ-सफाई और पानी की गुणवत्ता की जांच की गई। गार्गी ग्रैंड में खाने-पीने की चीजें रखने में मिली गड़बड़ी होटल गार्गी ग्रैंड की रसोई में शाकाहारी और मांसाहारी खाना एक साथ रखा हुआ मिला। खाद्य सामग्री को पहले इस्तेमाल करने के नियम का भी पालन नहीं किया जा रहा था। पानी की आखिरी जांच वर्ष 2024 में कराई गई थी। कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध नहीं थे। टीम ने होटल से पनीर और अरहर दाल के सैंपल लिए। इन्हें जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया की गई। इन कमियों को दूर करने के लिए होटल को नोटिस जारी किया गया है। 14 दिनों के अंदर सभी कमियां दूर करने का निर्देश दिया गया है। पाटलिपुत्र एक्सोटिका में गंदगी, एक्सपायरी सामान नष्ट कराया पाटलिपुत्र एक्सोटिका की रसोई में साफ-सफाई ठीक नहीं मिली। स्टोर रूम में खाद्य सामग्री रखने का तरीका भी सही नहीं था। सामान को पहले इस्तेमाल करने के नियम का पालन नहीं किया जा रहा था। रसोई का वेंटिलेटर टूटा हुआ था, जिससे अंदर कबूतर भी मौजूद थे। इसके अलावा, होटल के बिल पर FSSAI नंबर नहीं लिखा था। जांच के दौरान 6 किलो राज मिल्क, 8 किलो बेकरी मिक्स, 1.5 किलो हाइड्रो और 100 ग्राम जीरा सीप एक्सपायरी मिले। टीम ने इन सभी खाद्य सामग्रियों को नष्ट करा दिया। होटल को 14 दिनों के अंदर कमियां दूर करने का नोटिस दिया गया है। पनाश होटल में 10 किलो मटन-चिकन और ब्रेड नष्ट द पनाश होटल के फ्रीजर में करीब 10 किलो मटन और चिकन पॉलीथिन में लपेटकर रखा गया था। इन पैकेटों पर बनाने की तारीख और इस्तेमाल करने की अंतिम तारीख नहीं लिखी थी। खाद्य सुरक्षा टीम ने इसे खाने के लिए अनुपयुक्त माना। इसके बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 38 के तहत मटन-चिकन जब्त कर नष्ट करा दिया गया। इसके अलावा, इस्तेमाल की अंतिम तारीख नहीं लिखे होने के कारण 6 पैकेट ब्रेड भी नष्ट कराए गए। होटल में इस्तेमाल होने वाले पानी की TDS मीटर से जांच की गई। इसमें TDS की रीडिंग 44 मिली। निरीक्षण रिपोर्ट में इसे निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं माना गया। टीम ने होटल में खाद्य सुरक्षा से जुड़ी 9 तरह की कमियां दर्ज कीं। जिन खाद्य पदार्थों पर कार्रवाई की गई, उनकी कुल बाजार कीमत 6,250 रुपए बताई गई है। होटल को नोटिस जारी कर 14 दिनों के भीतर सभी कमियां दूर करने का निर्देश दिया गया है। होटल मौर्या में एल्युमिनियम के बर्तनों के इस्तेमाल पर रोक साउथ गांधी मैदान स्थित होटल मौर्या की रसोई में खाना बनाने के लिए एल्युमिनियम के बर्तनों का इस्तेमाल किया जा रहा था। टीम ने इनके इस्तेमाल पर तत्काल रोक लगा दी। खाने को गर्म और ठंडा रखने से जुड़े रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे। तापमान को सही तरीके से बनाए रखने में भी कमियां मिलीं। फ्रिज और कुछ डीप फ्रीजर में जंग लगा हुआ था। टीम ने होटल से पनीर और सॉल्टेड बटर के सैंपल लिए। पनीर का नमूना जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला, अगमकुआं भेजने की कार्रवाई की गई। होटल के कर्मचारियों की व्यक्तिगत साफ-सफाई भी संतोषजनक नहीं मिली। ड्रेनेज सिस्टम में सुधार की जरूरत पाई गई। खाने-पीने की चीजें और दूसरी सामग्री अलग-अलग नहीं रखी जा रही थीं। कुछ डस्टबिन बिना ढक्कन के थे। इन कमियों को दूर करने के लिए होटल को 14 दिनों का समय दिया गया है। कर्मचारियों की साफ-सफाई, नाली की व्यवस्था और खाद्य सामग्री के सही भंडारण को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। लेमन ट्री होटल से पनीर, चीज़ और सॉस के सैंपल लिए लेमन ट्री होटल में खाद्य सुरक्षा टीम ने पनीर, चीज, टमाटर सॉस और लिक्विड सॉस के नमूने लिए। इन्हें गुणवत्ता की जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजने की कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान ड्रेनेज पर लगी जाली को सही तरीके से ढकने का निर्देश भी दिया गया। 14 दिनों में कमियां दूर करने का निर्देश खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी पांचों होटलों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने, रसोई साफ रखने और खाने-पीने की चीजों को सही तरीके से रखने का निर्देश दिया है। सभी होटलों को 14 दिनों के भीतर मिली कमियों को दूर करना होगा। विभाग के अनुसार, लोगों को सुरक्षित और अच्छी गुणवत्ता वाला खाना उपलब्ध कराने के लिए होटलों और दूसरे खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच की जा रही है। जहां नियमों का उल्लंघन मिलता है, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। पटना के पांच बड़े होटलों में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शुक्रवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान रसोई की सफाई, खाद्य पदार्थों के रखरखाव और खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता में कई कमियां मिलीं। द पनाश होटल में करीब 10 किलो मटन-चिकन और 6 पैकेट ब्रेड नष्ट कराए गए। वहीं, दूसरे होटलों में एक्सपायरी खाद्य सामग्री मिलने पर उसे भी नष्ट कराया गया। टीम ने अलग-अलग खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। सभी होटलों को कमियां दूर करने के लिए 14 दिनों का समय दिया गया है। खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। टीम ने होटल गार्गी ग्रैंड, पाटलिपुत्र एक्सोटिका, द पनाश, होटल मौर्या और लेमन ट्री का निरीक्षण किया। इस दौरान रसोई की सफाई, खाद्य सामग्री रखने के तरीके, कर्मचारियों की साफ-सफाई और पानी की गुणवत्ता की जांच की गई। गार्गी ग्रैंड में खाने-पीने की चीजें रखने में मिली गड़बड़ी होटल गार्गी ग्रैंड की रसोई में शाकाहारी और मांसाहारी खाना एक साथ रखा हुआ मिला। खाद्य सामग्री को पहले इस्तेमाल करने के नियम का भी पालन नहीं किया जा रहा था। पानी की आखिरी जांच वर्ष 2024 में कराई गई थी। कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध नहीं थे। टीम ने होटल से पनीर और अरहर दाल के सैंपल लिए। इन्हें जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया की गई। इन कमियों को दूर करने के लिए होटल को नोटिस जारी किया गया है। 14 दिनों के अंदर सभी कमियां दूर करने का निर्देश दिया गया है। पाटलिपुत्र एक्सोटिका में गंदगी, एक्सपायरी सामान नष्ट कराया पाटलिपुत्र एक्सोटिका की रसोई में साफ-सफाई ठीक नहीं मिली। स्टोर रूम में खाद्य सामग्री रखने का तरीका भी सही नहीं था। सामान को पहले इस्तेमाल करने के नियम का पालन नहीं किया जा रहा था। रसोई का वेंटिलेटर टूटा हुआ था, जिससे अंदर कबूतर भी मौजूद थे। इसके अलावा, होटल के बिल पर FSSAI नंबर नहीं लिखा था। जांच के दौरान 6 किलो राज मिल्क, 8 किलो बेकरी मिक्स, 1.5 किलो हाइड्रो और 100 ग्राम जीरा सीप एक्सपायरी मिले। टीम ने इन सभी खाद्य सामग्रियों को नष्ट करा दिया। होटल को 14 दिनों के अंदर कमियां दूर करने का नोटिस दिया गया है। पनाश होटल में 10 किलो मटन-चिकन और ब्रेड नष्ट द पनाश होटल के फ्रीजर में करीब 10 किलो मटन और चिकन पॉलीथिन में लपेटकर रखा गया था। इन पैकेटों पर बनाने की तारीख और इस्तेमाल करने की अंतिम तारीख नहीं लिखी थी। खाद्य सुरक्षा टीम ने इसे खाने के लिए अनुपयुक्त माना। इसके बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 38 के तहत मटन-चिकन जब्त कर नष्ट करा दिया गया। इसके अलावा, इस्तेमाल की अंतिम तारीख नहीं लिखे होने के कारण 6 पैकेट ब्रेड भी नष्ट कराए गए। होटल में इस्तेमाल होने वाले पानी की TDS मीटर से जांच की गई। इसमें TDS की रीडिंग 44 मिली। निरीक्षण रिपोर्ट में इसे निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं माना गया। टीम ने होटल में खाद्य सुरक्षा से जुड़ी 9 तरह की कमियां दर्ज कीं। जिन खाद्य पदार्थों पर कार्रवाई की गई, उनकी कुल बाजार कीमत 6,250 रुपए बताई गई है। होटल को नोटिस जारी कर 14 दिनों के भीतर सभी कमियां दूर करने का निर्देश दिया गया है। होटल मौर्या में एल्युमिनियम के बर्तनों के इस्तेमाल पर रोक साउथ गांधी मैदान स्थित होटल मौर्या की रसोई में खाना बनाने के लिए एल्युमिनियम के बर्तनों का इस्तेमाल किया जा रहा था। टीम ने इनके इस्तेमाल पर तत्काल रोक लगा दी। खाने को गर्म और ठंडा रखने से जुड़े रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे। तापमान को सही तरीके से बनाए रखने में भी कमियां मिलीं। फ्रिज और कुछ डीप फ्रीजर में जंग लगा हुआ था। टीम ने होटल से पनीर और सॉल्टेड बटर के सैंपल लिए। पनीर का नमूना जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला, अगमकुआं भेजने की कार्रवाई की गई। होटल के कर्मचारियों की व्यक्तिगत साफ-सफाई भी संतोषजनक नहीं मिली। ड्रेनेज सिस्टम में सुधार की जरूरत पाई गई। खाने-पीने की चीजें और दूसरी सामग्री अलग-अलग नहीं रखी जा रही थीं। कुछ डस्टबिन बिना ढक्कन के थे। इन कमियों को दूर करने के लिए होटल को 14 दिनों का समय दिया गया है। कर्मचारियों की साफ-सफाई, नाली की व्यवस्था और खाद्य सामग्री के सही भंडारण को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। लेमन ट्री होटल से पनीर, चीज़ और सॉस के सैंपल लिए लेमन ट्री होटल में खाद्य सुरक्षा टीम ने पनीर, चीज, टमाटर सॉस और लिक्विड सॉस के नमूने लिए। इन्हें गुणवत्ता की जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजने की कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान ड्रेनेज पर लगी जाली को सही तरीके से ढकने का निर्देश भी दिया गया। 14 दिनों में कमियां दूर करने का निर्देश खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी पांचों होटलों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने, रसोई साफ रखने और खाने-पीने की चीजों को सही तरीके से रखने का निर्देश दिया है। सभी होटलों को 14 दिनों के भीतर मिली कमियों को दूर करना होगा। विभाग के अनुसार, लोगों को सुरक्षित और अच्छी गुणवत्ता वाला खाना उपलब्ध कराने के लिए होटलों और दूसरे खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच की जा रही है। जहां नियमों का उल्लंघन मिलता है, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।

