मुजफ्फरपुर जिले में मुशहरी के निलंबित अंचल अधिकारी (सीओ) महेंद्र शुक्ला और राजस्व अधिकारी (आरओ) करुण कुमार को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। दोनों पर भू-माफिया से मिलीभगत कर फर्जी केवाला के आधार पर जमीन की दाखिल-खारिज कराने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद वरीय अधिकारियों ने दोनों से पूछताछ की। इसके बाद विशेष कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। जांच के आधार पर वारंट जारी किया गया था प्रभारी एसडीपीओ टाउन-2 हिमांशु कुमार ने बताया कि सहबाजपुर निवासी रिटायर्ड अवर सचिव विजय कुमार ने सीओ समेत आठ लोगों के खिलाफ अहियापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले की जांच के दौरान सीओ महेंद्र शुक्ला, आरओ करुण कुमार और राजस्व कर्मचारी अनुज कुमार के खिलाफ वारंट जारी किया गया था। यह वारंट केस के आईओ की अर्जी पर विशेष कोर्ट (एमपी-एमएलए मामले) ने जारी किया था। इनमें से सीओ और आरओ को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि राजस्व कर्मचारी अनुज कुमार फरार है। सदर अस्पताल में तीन घंटे निगरानी में रहे सीओ शुक्रवार शाम विशेष कोर्ट में पेशी से पहले पुलिस सीओ और आरओ को स्वास्थ्य जांच के लिए सदर अस्पताल ले गई। वहां बेचैनी और बीपी बढ़ने की शिकायत पर सीओ महेंद्र शुक्ला करीब तीन घंटे तक चिकित्सकों की निगरानी में रहे। इसके बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया गया। 70 डिसमिल पुश्तैनी जमीन की हेराफेरी का आरोप पुलिस के अनुसार, मामले में विजय कुमार की 70 डिसमिल खातियानी और पुश्तैनी जमीन का कथित तौर पर फर्जी केवाला तैयार कर दाखिल-खारिज कराया गया था। जांच में वैशाली के कृष्णनंदन पासवान समेत अन्य लोगों की भूमिका सामने आई है। फर्जीवाड़े की जांच जारी है पुलिस का कहना है कि मामले में तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। अन्य आरोपितों की भूमिका और जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े की जांच जारी है। मुजफ्फरपुर जिले में मुशहरी के निलंबित अंचल अधिकारी (सीओ) महेंद्र शुक्ला और राजस्व अधिकारी (आरओ) करुण कुमार को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। दोनों पर भू-माफिया से मिलीभगत कर फर्जी केवाला के आधार पर जमीन की दाखिल-खारिज कराने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद वरीय अधिकारियों ने दोनों से पूछताछ की। इसके बाद विशेष कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। जांच के आधार पर वारंट जारी किया गया था प्रभारी एसडीपीओ टाउन-2 हिमांशु कुमार ने बताया कि सहबाजपुर निवासी रिटायर्ड अवर सचिव विजय कुमार ने सीओ समेत आठ लोगों के खिलाफ अहियापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले की जांच के दौरान सीओ महेंद्र शुक्ला, आरओ करुण कुमार और राजस्व कर्मचारी अनुज कुमार के खिलाफ वारंट जारी किया गया था। यह वारंट केस के आईओ की अर्जी पर विशेष कोर्ट (एमपी-एमएलए मामले) ने जारी किया था। इनमें से सीओ और आरओ को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि राजस्व कर्मचारी अनुज कुमार फरार है। सदर अस्पताल में तीन घंटे निगरानी में रहे सीओ शुक्रवार शाम विशेष कोर्ट में पेशी से पहले पुलिस सीओ और आरओ को स्वास्थ्य जांच के लिए सदर अस्पताल ले गई। वहां बेचैनी और बीपी बढ़ने की शिकायत पर सीओ महेंद्र शुक्ला करीब तीन घंटे तक चिकित्सकों की निगरानी में रहे। इसके बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया गया। 70 डिसमिल पुश्तैनी जमीन की हेराफेरी का आरोप पुलिस के अनुसार, मामले में विजय कुमार की 70 डिसमिल खातियानी और पुश्तैनी जमीन का कथित तौर पर फर्जी केवाला तैयार कर दाखिल-खारिज कराया गया था। जांच में वैशाली के कृष्णनंदन पासवान समेत अन्य लोगों की भूमिका सामने आई है। फर्जीवाड़े की जांच जारी है पुलिस का कहना है कि मामले में तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। अन्य आरोपितों की भूमिका और जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े की जांच जारी है।

