Discoid Eczema: शरीर पर सिक्के के आकार के लाल धब्बे और तेज खुजली, NHS ने बताई डिस्कॉयड एक्जिमा की पहचान

Discoid Eczema: शरीर पर सिक्के के आकार के लाल धब्बे और तेज खुजली, NHS ने बताई डिस्कॉयड एक्जिमा की पहचान

Discoid Eczema Cause: क्या आपकी त्वचा पर कभी अचानक गोल-गोल या सिक्के के आकार के लाल चत्ते उभर आए हैं? इनमें इतनी तेज खुजली होती है कि मन करता है बस सहलाते ही रहें। अक्सर लोग इसे दाद (रिंगवर्म) या कोई आम एलर्जी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं या फिर गलत दवाएं इस्तेमाल करने लगते हैं। लेकिन सिक्के जैसे दिखने वाले ये लाल धब्बे डिस्कॉयड एक्जिमा (Discoid Eczema) हो सकते हैं। इसे मेडिकल भाषा में ‘न्यूमुलर डर्मेटाइटिस’ (Nummular Dermatitis) भी कहा जाता है। आइए समझते हैं कि यह बीमारी क्या है, यह क्यों होती है और इससे राहत पाने के क्या उपाय हैं।

डिस्कॉयड एक्जिमा क्या है?

ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) के अनुसार, डिस्कॉयड एक्जिमा त्वचा से जुड़ी एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर पर सिक्के या गोल डिस्क की तरह उभरे हुए लाल-गुलाबी रंग के चकत्ते बन जाते हैं। ‘डिस्कॉयड’ शब्द का मतलब ही होता है डिस्क या सिक्के के आकार का। यह कोई छूने से फैलने वाली (संक्रामक) बीमारी नहीं है, यानी यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलती। यह समस्या हफ्तों या महीनों तक रह सकती है और अगर इसका सही समय पर इलाज न कराया जाए, तो यह बार-बार उसी जगह पर लौटकर आ सकती है।

इसके मुख्य लक्षण क्या हैं? कैसे पहचानें?

डर्मनेट के अनुसार, डिस्कॉयड एक्जिमा के लक्षण काफी साफ दिखाई देते हैं, जिन्हें आप आसानी से पहचान सकते हैं;

  • सिक्के जैसे गोल चकत्ते- शुरुआत में त्वचा पर छोटे-छोटे लाल दाने या फुंसियां निकलती हैं। फिर ये दाने आपस में जुड़कर सिक्के के आकार (1 से 3 सेंटीमीटर) के गोल या अंडे के आकार के धब्बे बना लेते हैं।
  • तेज खुजली और जलन- इन चकत्तों में बहुत तेज खुजली होती है, खासकर रात के समय खुजली काफी बढ़ जाती है।
  • पानी या रिसाव होना- शुरुआती दिनों में इन चकत्तों में सूजन हो सकती है और छोटे-छोटे पानी से भरे छाले (ब्लिस्टर्स) बन सकते हैं, जिनसे हल्का चिपचिपा पानी भी रिस सकता है।
  • पपड़ी जमना और सूखापन- कुछ दिनों बाद ये धब्बे सूखने लगते हैं, त्वचा पपड़ीदार, रूखी और फटने लगती है।
  • बीच में से त्वचा का साफ होना- कई बार इन चकत्तों के बीच का हिस्सा साफ होने लगता है और किनारे लाल रह जाते हैं, जिससे यह बिल्कुल रिंगवर्म (दाद) जैसा दिखने लगता है।
  • त्वचा के रंग में बदलाव- गोरी रंगत वाली त्वचा पर ये धब्बे लाल या गुलाबी दिखते हैं, जबकि सांवली या गहरी रंगत पर ये गहरे भूरे या आसपास की त्वचा से हल्के रंग के दिख सकते हैं।

यह बीमारी क्यों होती है और इसके ट्रिगर्स क्या हैं?

डिस्कॉयड एक्जिमा का कोई एक स्पष्ट कारण अभी तक सामने नहीं आया है, लेकिन इसका सबसे बड़ा कारण त्वचा का अत्यधिक सूखापन (Dry Skin) माना जाता है। जब त्वचा बहुत ज्यादा सूखी हो जाती है, तो उसकी प्राकृतिक सुरक्षा परत कमजोर पड़ जाती है। इसके अलावा कुछ चीजें इसे भड़का सकती हैं;

  • कीड़े का काटना, खरोंच लगना, जलना या किसी सर्जरी का निशान।
  • तेज केमिकल वाले साबुन, बॉडी वॉश, डिटर्जेंट या परफ्यूम का इस्तेमाल।
  • ठंड और शुष्क मौसम में त्वचा की नमी खत्म होने पर यह समस्या बढ़ जाती है।
  • कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट या मानसिक तनाव के कारण भी यह उभर सकता है।

इन्फेक्शन का खतरा कब बढ़ता है?

जब चकत्तों में तेज खुजली होती है, तो बार-बार खुजलाने से त्वचा छिल जाती है। इससे बैक्टीरिया अंदर चले जाते हैं और इन्फेक्शन (संक्रमण) का खतरा बन जाता है। यदि आपके चकत्तों से पीला चिपचिपा पानी रिसने लगे, उस पर पीली पपड़ी जम जाए, त्वचा में बहुत दर्द या गर्म अहसास हो, या आपको बुखार जैसी थकावट महसूस होने लगे, तो समझ जाएं कि इन्फेक्शन हो गया है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

इससे बचाव और इलाज के उपाय

डिस्कॉयड एक्जिमा को सही देखभाल और डॉक्टर की सलाह से पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है;

  • मॉयश्चराइजर (Emollients) का इस्तेमाल।
  • कठोर साबुन से दूरी बनाएं।
  • हल्के और सूती कपड़े पहनें।

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