वृंदावन के चैतन्य विहार स्थित पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम में टैंक की सफाई के दौरान चार छात्रों की मौत के मामले में संत-महंतों ने नाराजगी जताई है। शुक्रवार देर शाम परिक्रमा मार्ग स्थित मोर कुटी आश्रम में हुई बैठक में संतों ने मृतक छात्रों के परिजनों को 11-11 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को भी कहा। मोर कुटी आश्रम के महामंडलेश्वर परमेश्वर दास त्यागी महाराज ने कहा कि टैंक की सफाई के दौरान चार छात्रों की मौत बेहद दुखद घटना है। बच्चे दूर-दराज से वृंदावन में संस्कृत की शिक्षा लेने आते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने शासन-प्रशासन से मृतक छात्रों के परिवारों को कम से कम 11-11 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की मांग की। महंत मोहिनी बिहारी शरण महाराज और महंत गंगा दास महाराज ने कहा कि वृंदावन में सैकड़ों गुरुकुल और छात्रावास संचालित हो रहे हैं। प्रशासन को इन संस्थानों की पहचान कर वहां सुरक्षा व्यवस्था, बुनियादी सुविधाओं और छात्रों के रहने की स्थिति की जांच करनी चाहिए। सरकारी संस्कृत विद्यालय खोलने का सुझाव संत-महंतों ने विद्यार्थियों को निःशुल्क संस्कृत शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सरकारी संस्कृत विद्यालय खोलने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि बच्चों को सुरक्षित माहौल में शिक्षा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। बैठक में संतों ने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अक्सर बड़ी घटना होने के बाद ही अधिकारी सक्रिय होते हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पहले से निगरानी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने चाहिए। ये संत-महंत रहे मौजूद बैठक में महंत परमेश्वर दास महाराज, महंत मोहिनी बिहारी शरण महाराज, महंत गंगा दास, रामेश्वर दास, रामदास, पुरुषोत्तम दास, अभिलेख दास और श्यामदास सहित अन्य संत-महंत मौजूद रहे।

