नीमच जिले के मनासा क्षेत्र के भाटखेड़ी बुजुर्ग गांव में 11 साल के धर्मपाल की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। बुधवार शाम परिजन उसे मनासा के एक निजी क्लीनिक ले गए थे। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर सुनील पाटीदार ने बच्चे को इंजेक्शन लगाया। इसके तुरंत बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और मौत हो गई। सुनील पाटीदार बनी गांव में CHO के पद पर तैनात था। जिला अस्पताल में दिया परिजनों ने धरना घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत क्लीनिक सील कर आरोपी सुनील पाटीदार को हिरासत में लिया। बच्चे की मौत से गुस्साए परिजन न्याय और मुआवजे की मांग को लेकर शव के साथ जिला अस्पताल में धरने पर बैठ गए। प्रशासन की समझाइश और रेडक्रॉस सोसायटी से 50 हजार रुपए की आर्थिक मदद मिलने के बाद शुक्रवार को 24 घंटे चला धरना खत्म हो गया। आरोपी सुनील पाटीदार पर एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से कराया गया है। आरोपी को हिरासत में लिया तहसीलदार मृगेंद्र सिंह का कहना है कि डॉक्टर को हिरासत में लेकर मनासा थाने में रखा गया है। परिजनों की मांग पर एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई जारी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी नियम अनुसार सख्त विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और स्वास्थ्य विभाग की जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी। धरने की अन्य तस्वीरें…

