Malocclusion: ऊपर-नीचे के दांत ठीक से नहीं मिलते? हो सकती है मैलोक्लूजन की समस्या, समझें इसके कारण

Malocclusion: ऊपर-नीचे के दांत ठीक से नहीं मिलते? हो सकती है मैलोक्लूजन की समस्या, समझें इसके कारण

Malocclusion Cause: क्या खाना चबाते समय आपको कभी ऐसा लगता है कि आपके ऊपर और नीचे के दांत आपस में ठीक से सेट नहीं बैठ रहे हैं? या फिर जब आप अपना मुंह बंद करते हैं, तो दांत एक-दूसरे के ऊपर सही तरीके से नहीं बैठते? हम में से कई लोग इसे सिर्फ एक कॉस्मेटिक समस्या यानी सुंदरता से जुड़ी बात मानकर टाल देते हैं। लेकिन मेडिकल साइंस के मुताबिक, दांतों का यह टेढ़ा-मेढ़ा होना या आपस में ठीक से न मिलना सिर्फ खूबसूरती का मामला नहीं है, बल्कि यह एक मेडिकल कंडीशन हो सकती है। दांतों के इस तरह के मिसअलाइनमेंट (गलत स्थिति) को मैलोक्लूजन (Malocclusion) कहा जाता है। आइए आम बोलचाल की बेहद सरल और आसान भाषा में समझते हैं कि मैलोक्लूजन क्या है, यह क्यों होता है, इसके लक्षण क्या हैं और इसका इलाज कैसे किया जाता है।

क्या है मैलोक्लूजन (Malocclusion)?

क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, जब मुंह बंद करने पर ऊपर के दांत और नीचे के दांत आपस में ठीक तरह से फिट नहीं बैठते, तो उस स्थिति को मैलोक्लूजन कहते हैं। सामान्य स्थिति में, जब आप मुंह बंद करते हैं तो ऊपर के दांत, नीचे के दांतों के थोड़ा सा आगे होने चाहिए और ऊपर के दाढ़ों के उभार (cusps) नीचे के दाढ़ों के खांचों में सही तरीके से बैठने चाहिए। लेकिन मैलोक्लूजन की स्थिति में ऐसा नहीं होता। इसमें दांत बहुत ज्यादा बाहर निकले हो सकते हैं, आपस में चढ़े हुए (क्रौडेड) हो सकते हैं या फिर दोनों जबड़ों के बीच काफी अंतर हो सकता है।

मैलोक्लूजन के मुख्य प्रकार (Types)

हेल्थलाइन और क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, मैलोक्लूजन मुख्य रूप से तीन प्रकार (क्लास) का होता है;

  • क्लास 1 (Class 1)- इसमें ऊपर और नीचे के दांतों का बाइट (काटने की स्थिति) तो लगभग सही होता है, लेकिन दांत आपस में बहुत पास-पास (Crowded) होते हैं, टेढ़े-मेढ़े होते हैं या उनके बीच में काफी गैप होता है। यह सबसे आम प्रकार है।
  • क्लास 2 (Class 2 / Overbite)- इसमें ऊपर का जबड़ा या ऊपर के दांत नीचे के दांतों की तुलना में बहुत ज्यादा बाहर की तरफ निकले होते हैं। इसे बोलचाल की भाषा में ‘ओवरबाइट’ भी कहा जाता है।
  • क्लास 3 (Class 3 / Underbite)- इसमें नीचे का जबड़ा और नीचे के दांत बहुत ज्यादा आगे निकल जाते हैं, जिससे नीचे के दांत ऊपर के दांतों को ढक लेते हैं। इसे ‘अंडरबाइट’ कहा जाता है।

क्यों होती है यह समस्या?

मैलोक्लूजन होने के पीछे कई अलग-अलग वजहें हो सकती हैं। क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं;

  • आनुवंशिकता (Genetic Causes)।
  • बचपन की कुछ आदतें।
  • दांतों का जल्दी या देर से गिरना।
  • मुंह से सांस लेने की आदत।
  • चोट या ट्यूमर।
  • दांतों के इलाज में लापरवाही।

मैलोक्लूजन के लक्षण और इससे होने वाली परेशानियां

  • खाना चबाने और काटने में दिक्कत।
  • बोलने में परेशानी होना।
  • चेहरे के आकार में बदलाव।
  • जबड़े के जोड़ों में दर्द।
  • दांतों में सड़न और पायरिया।
  • बार-बार जीभ या गाल कटना।

इसका इलाज कैसे किया जाता है?

अगर आपको या आपके बच्चे को दांत न मिलने की समस्या महसूस हो रही है, तो सबसे पहले किसी ऑर्थोडॉन्टिस्ट (दांतों के विशेषज्ञ डॉक्टर) से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर एक्स-रे और दांतों के नाप (Mould) लेकर समस्या की गंभीरता के आधार पर इलाज तय करते हैं;

  • डेन्टल ब्रेसेस (Braces)।
  • दांत निकालना (Extraction)।
  • अलाइनर्स (Clear Aligners)।
  • जबड़े की सर्जरी (Orthognathic Surgery)।

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