मुजफ्फरपुर के बोचहां और मुशहरी की 100 से अधिक जीविका दीदियों से करीब साढ़े 3 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में गुरुवार को एसडीओ पूर्वी आनंद उत्सव के कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान जीविका डीपीएम अनीशा और बैंक के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। बैंक की ओर से दीदियों के नाम पर लिए गए लोन की आउटस्टैंडिंग राशि की जानकारी दी गई। अलग-अलग खाते में पैसा भेजने का आरोप सुनवाई के दौरान जीविका दीदियों की ओर से बताया गया कि उनके नाम पर लोन लेने के बाद राशि अलग-अलग खातों में भेजी गई थी। दीदियों का कहना था कि पूरी राशि सिर्फ जक्ष एग्रो कंपनी के खाते में नहीं गई, बल्कि जक्ष ग्रेविटी प्राइवेट लिमिटेड के खाते में भी रकम भेजी गई थी। एसडीओ ने मांगा बैंक डीटेल इस पर एसडीओ पूर्वी ने बैंक प्रतिनिधि से लोन की राशि किस-किस खाते में भेजी गई, इसका पूरा रिकॉर्ड मांगा। बैंक प्रतिनिधि ने बताया कि जिन लोगों के साथ एग्रीमेंट हुआ था, उन्हीं के खाते में लोन की राशि भेजी गई थी। एसडीओ ने इस संबंध में दस्तावेज समेत पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। तीन मशरूम हट तैयार, जल्द शुरू होगा काम सुनवाई के दौरान मशरूम क्लस्टर को दोबारा शुरू कराने को लेकर भी निर्देश दिया गया। एसडीओ पूर्वी ने जीविका डीपीएम को तैयार तीनों मशरूम हट में जल्द काम शुरू कराने को कहा। उन्होंने संबंधित कोऑर्डिनेटर को बुलाकर समन्वय स्थापित करने और अगली सुनवाई से पहले तीनों जगहों पर मशरूम क्लस्टर का काम शुरू कराने का निर्देश दिया। कंपनी का कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा सुनवाई में कथित फर्जीवाड़ा करने वाली कंपनी की ओर से कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ। बताया गया कि कंपनी को पूर्व में नोटिस दिया गया था, लेकिन अब तक नोटिस का जवाब भी नहीं दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 29 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की गई है। सुनवाई में अब बैंक से मांगे गए रिकॉर्ड के आधार पर यह देखा जाएगा कि दीदियों के नाम पर स्वीकृत लोन की राशि किन-किन खातों में और किस आधार पर भेजी गई। इससे मामले की जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। मुजफ्फरपुर के बोचहां और मुशहरी की 100 से अधिक जीविका दीदियों से करीब साढ़े 3 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में गुरुवार को एसडीओ पूर्वी आनंद उत्सव के कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान जीविका डीपीएम अनीशा और बैंक के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। बैंक की ओर से दीदियों के नाम पर लिए गए लोन की आउटस्टैंडिंग राशि की जानकारी दी गई। अलग-अलग खाते में पैसा भेजने का आरोप सुनवाई के दौरान जीविका दीदियों की ओर से बताया गया कि उनके नाम पर लोन लेने के बाद राशि अलग-अलग खातों में भेजी गई थी। दीदियों का कहना था कि पूरी राशि सिर्फ जक्ष एग्रो कंपनी के खाते में नहीं गई, बल्कि जक्ष ग्रेविटी प्राइवेट लिमिटेड के खाते में भी रकम भेजी गई थी। एसडीओ ने मांगा बैंक डीटेल इस पर एसडीओ पूर्वी ने बैंक प्रतिनिधि से लोन की राशि किस-किस खाते में भेजी गई, इसका पूरा रिकॉर्ड मांगा। बैंक प्रतिनिधि ने बताया कि जिन लोगों के साथ एग्रीमेंट हुआ था, उन्हीं के खाते में लोन की राशि भेजी गई थी। एसडीओ ने इस संबंध में दस्तावेज समेत पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। तीन मशरूम हट तैयार, जल्द शुरू होगा काम सुनवाई के दौरान मशरूम क्लस्टर को दोबारा शुरू कराने को लेकर भी निर्देश दिया गया। एसडीओ पूर्वी ने जीविका डीपीएम को तैयार तीनों मशरूम हट में जल्द काम शुरू कराने को कहा। उन्होंने संबंधित कोऑर्डिनेटर को बुलाकर समन्वय स्थापित करने और अगली सुनवाई से पहले तीनों जगहों पर मशरूम क्लस्टर का काम शुरू कराने का निर्देश दिया। कंपनी का कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा सुनवाई में कथित फर्जीवाड़ा करने वाली कंपनी की ओर से कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ। बताया गया कि कंपनी को पूर्व में नोटिस दिया गया था, लेकिन अब तक नोटिस का जवाब भी नहीं दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 29 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की गई है। सुनवाई में अब बैंक से मांगे गए रिकॉर्ड के आधार पर यह देखा जाएगा कि दीदियों के नाम पर स्वीकृत लोन की राशि किन-किन खातों में और किस आधार पर भेजी गई। इससे मामले की जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

