भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार के निर्देशानुसार नालन्दा जिले में छूटे हुए पात्र मतदाताओं और पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं के नाम निर्वाचक सूची में जोड़ने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाना एक सतत प्रक्रिया है और कोई भी पात्र नागरिक निर्धारित प्रक्रिया के तहत कभी भी आवेदन कर सकता है। पुरानी व नई सूची के मिलान से बनेगी अलग लिस्ट अभियान के पहले चरण में सभी बूथ स्तरीय अधिकारी विशेष गहन पुनरीक्षण से पहले की सूची का वर्तमान मतदाता सूची से मिलान करेंगे। इसके जरिए उन मतदाताओं की पहचान कर अलग सूची बनाई जाएगी, जिनके नाम पूर्व में तो दर्ज थे लेकिन वर्तमान सूची से हट गए हैं। इसके अलावा अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरी प्रविष्टि वाले मामलों को ध्यान में रखकर सही पात्र मतदाताओं को चिह्नित किया जाएगा। घर-घर जाकर स्थिति परखेंगे बीएलओ चिह्नित मतदाताओं के भौतिक सत्यापन के लिए बीएलओ घर-घर जाएंगे। वे यह सुनिश्चित करेंगे कि संबंधित व्यक्ति वर्तमान पते पर रह रहा है या नहीं और मतदान के योग्य है या नहीं। प्रत्येक बीएलओ प्रति सप्ताह लगभग 20 से 25 मतदाताओं का सत्यापन करेंगे और एक माह के भीतर यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा। सत्यापन के दौरान छूटे पाए जाने वाले पात्र नागरिकों से मौके पर ही प्रपत्र-6 भरवाया जाएगा। राजनीतिक दलों का सहयोग और विशेष शिविर सत्यापन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए तैयार सूची को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ साझा किया जाएगा। बीएलओ द्वारा प्राप्त आवेदनों को क्षेत्रीय जांच रिपोर्ट के साथ निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को सौंपा जाएगा, जो नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई करेंगे। इसके साथ ही जिले के विभिन्न मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर भी आयोजित होंगे। प्रशासन की विशेष नजर रात्रि आश्रय स्थलों, श्रमिक बस्तियों और बेघर व हाशिए पर रहने वाले लोगों पर रहेगी, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मताधिकार से वंचित न रहे। भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार के निर्देशानुसार नालन्दा जिले में छूटे हुए पात्र मतदाताओं और पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं के नाम निर्वाचक सूची में जोड़ने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाना एक सतत प्रक्रिया है और कोई भी पात्र नागरिक निर्धारित प्रक्रिया के तहत कभी भी आवेदन कर सकता है। पुरानी व नई सूची के मिलान से बनेगी अलग लिस्ट अभियान के पहले चरण में सभी बूथ स्तरीय अधिकारी विशेष गहन पुनरीक्षण से पहले की सूची का वर्तमान मतदाता सूची से मिलान करेंगे। इसके जरिए उन मतदाताओं की पहचान कर अलग सूची बनाई जाएगी, जिनके नाम पूर्व में तो दर्ज थे लेकिन वर्तमान सूची से हट गए हैं। इसके अलावा अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरी प्रविष्टि वाले मामलों को ध्यान में रखकर सही पात्र मतदाताओं को चिह्नित किया जाएगा। घर-घर जाकर स्थिति परखेंगे बीएलओ चिह्नित मतदाताओं के भौतिक सत्यापन के लिए बीएलओ घर-घर जाएंगे। वे यह सुनिश्चित करेंगे कि संबंधित व्यक्ति वर्तमान पते पर रह रहा है या नहीं और मतदान के योग्य है या नहीं। प्रत्येक बीएलओ प्रति सप्ताह लगभग 20 से 25 मतदाताओं का सत्यापन करेंगे और एक माह के भीतर यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा। सत्यापन के दौरान छूटे पाए जाने वाले पात्र नागरिकों से मौके पर ही प्रपत्र-6 भरवाया जाएगा। राजनीतिक दलों का सहयोग और विशेष शिविर सत्यापन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए तैयार सूची को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ साझा किया जाएगा। बीएलओ द्वारा प्राप्त आवेदनों को क्षेत्रीय जांच रिपोर्ट के साथ निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को सौंपा जाएगा, जो नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई करेंगे। इसके साथ ही जिले के विभिन्न मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर भी आयोजित होंगे। प्रशासन की विशेष नजर रात्रि आश्रय स्थलों, श्रमिक बस्तियों और बेघर व हाशिए पर रहने वाले लोगों पर रहेगी, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मताधिकार से वंचित न रहे।

