राजस्थान हाईकोर्ट ने नागौर में एसपी पद पर आईपीएस अधिकारी की नियुक्ति की मांग वाली जनहित याचिका खारिज कर दी। यह याचिका नगर निकाय और पंचायत चुनाव को निष्पक्ष कराने के लिए दायर की गई थी। कोर्ट ने माना कि राज्य सरकार ने निर्वाचन आयोग की सिफारिश पर जरूरी कार्रवाई कर दी है। मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार अग्रवाल और न्यायाधीश बलजिंदर सिंह संधू की बेंच ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) की याचिका पर सुनवाई की। इसमें नागौर के खाली एसपी पद पर आईपीएस अधिकारी लगाने की मांग थी। आशाराम चौधरी को नागौर एसपी का अतिरिक्त प्रभार राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार ने कोर्ट को बताया कि निर्वाचन आयोग की 3 सितंबर की सिफारिश के बाद सरकार ने 7 अक्टूबर को आदेश जारी किया। इसके तहत आरपीएस अधिकारी आशाराम चौधरी को नागौर एसपी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। बेंच ने कहा कि सरकार ने आयोग की सिफारिश पर कार्रवाई करते हुए एसपी पद का अतिरिक्त प्रभार दे दिया है। ऐसे में याचिका पर आगे सुनवाई का कोई आधार नहीं बचता। इसी आधार पर कोर्ट ने जनहित याचिका खारिज कर दी।

