पन्ना के बनहरीकला टपरियन में किसानों और आदिवासियों का ‘चिता आंदोलन’ 27वें दिन भी जारी रहा। जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर का आमरण अनशन 12वें दिन पहुंच गया है। लगातार भोजन नहीं लेने से उनका वजन करीब साढ़े चार किलो कम हुआ है और स्वास्थ्य चिंताजनक बताया गया है। चार परियोजनाओं से विस्थापन का विरोध आंदोलनकारी केन-बेतवा लिंक परियोजना, मझगाय बांध, रूंझ परियोजना और ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन से विस्थापन का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रभावित किसानों और आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा की जाए। भटनागर बोले- संकल्प अटूट, साढ़े चार किलो वजन घटा आमरण अनशन पर बैठे अमित भटनागर का कहना है कि लगातार भोजन नहीं लेने के बावजूद उनका संकल्प अटूट है। उनके वजन में करीब साढ़े चार किलो की कमी बताई गई है। भोपाल और दिल्ली तक पहुंचा आंदोलन आंदोलन से जुड़े लोगों के अनुसार भोपाल में जन संघर्ष समन्वय समिति ने आंदोलन को लेकर रणनीति बनाई है। बैतूल में 17 संगठनों ने आंदोलन को समर्थन दिया है। दिल्ली में ‘पीपुल्स फॉर अरावली’ ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की बात कही है। प्रशासन पर लगाए कार्रवाई के आरोप आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन फर्जी मुकदमों और पुलिसिया कार्रवाई के जरिए सत्याग्रह को दबाने की कोशिश कर रहा है। मुआवजा और पुनर्वास की मांग उनकी मांग है कि प्रभावित परिवारों की अंतिम पात्रता सूची सार्वजनिक की जाए और पारदर्शी सर्वे कराया जाए।आंदोलनकारियों की मांग है कि विस्थापन से पहले प्रभावित परिवारों को पूरा मुआवजा और पुनर्वास दिया जाए।

