केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के लिए ‘जोश ऐप’ लॉन्च किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने दिल्ली में एक विशेष कार्यक्रम में इसका लोकार्पण किया। यह ऐप टीबी पीड़ितों की पहचान और उनके इलाज में मदद करेगा। जिले में 1 लाख लोगों की टीबी जांच का लक्ष्य इस ऐप के जरिए जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर पर टीबी मरीजों की जानकारी अपडेट रहेगी। शेखपुरा सिविल सर्जन डॉ. संजय कुमार के नेतृत्व में चिकित्सकों ने लाइव कार्यक्रम में मंत्री का संबोधन सुना। गैर संचारी रोग प्रभारी डॉ. विरमनी भारती ने बताया कि जिले में 1 लाख लोगों की टीबी जांच का लक्ष्य है। इसमें एक्स-रे और अन्य जांचें शामिल हैं। इलाकों में संदिग्ध रोगियों की पहचान कर रही टीम 2026 तक प्रत्येक प्रखंड की दो-दो पंचायतों को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने टीबी संक्रमित लोगों की जांच और इलाज की पूरी जिम्मेदारी ली है। सदर अस्पताल और सरकारी अस्पतालों में जांच के साथ-साथ मोबाइल टीमें भी दूर-दराज के इलाकों में संदिग्ध रोगियों की पहचान कर रही हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के लिए ‘जोश ऐप’ लॉन्च किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने दिल्ली में एक विशेष कार्यक्रम में इसका लोकार्पण किया। यह ऐप टीबी पीड़ितों की पहचान और उनके इलाज में मदद करेगा। जिले में 1 लाख लोगों की टीबी जांच का लक्ष्य इस ऐप के जरिए जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर पर टीबी मरीजों की जानकारी अपडेट रहेगी। शेखपुरा सिविल सर्जन डॉ. संजय कुमार के नेतृत्व में चिकित्सकों ने लाइव कार्यक्रम में मंत्री का संबोधन सुना। गैर संचारी रोग प्रभारी डॉ. विरमनी भारती ने बताया कि जिले में 1 लाख लोगों की टीबी जांच का लक्ष्य है। इसमें एक्स-रे और अन्य जांचें शामिल हैं। इलाकों में संदिग्ध रोगियों की पहचान कर रही टीम 2026 तक प्रत्येक प्रखंड की दो-दो पंचायतों को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने टीबी संक्रमित लोगों की जांच और इलाज की पूरी जिम्मेदारी ली है। सदर अस्पताल और सरकारी अस्पतालों में जांच के साथ-साथ मोबाइल टीमें भी दूर-दराज के इलाकों में संदिग्ध रोगियों की पहचान कर रही हैं।

