(फोटो के साथ)
बेंगलुरु, आठ अक्टूबर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि एसआईआर के तहत मतदाताओं के नाम हटाने का उद्देश्य भाजपा का विरोध करने वाले लोगों को मतदान के अधिकार से वंचित करना है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और निर्वाचन आयोग पर लोकतंत्र को ‘‘कमजोर करने’’ का आरोप लगाया। दीपके ने विभिन्न नागरिक समाज समूहों द्वारा यहां आयोजित ‘‘पीपुल्स ट्रिब्यूनल’’ में कहा कि मतदाता सूचियों से कथित तौर पर नाम हटाए गए लोग यह साबित करने के लिए कार्यक्रम में मौजूद हैं कि वे जीवित हैं।
इस कार्यक्रम में यूट्यूबर ध्रुव राठी और अभिनेता-कार्यकर्ता प्रकाश राज भी शामिल हुए। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘नरेन्द्र मोदी ने वोट हटाकर और चोरी करके प्रधानमंत्री पद हासिल किया।’’
दीपके ने कहा, ‘‘जिन लोगों को मृत घोषित कर दिया गया था, वे यहां जीवित खड़े हैं। इसलिए मौत इन लोगों की नहीं हुई है।
यह इस देश के लोकतंत्र की मौत है।’’
कॉजपा संस्थापक ने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार समेत निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कथित निर्देश पर लोगों के वोट हटा दिये। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा समावेशी भारत या बी. आर. आंबेडकर और पेरियार के विचारों में विश्वास नहीं करती, बल्कि इसके बजाय यह नाथूराम गोडसे के विचारों से प्रभावित है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें अपने लोकतंत्र और देश को बचाने के लिए उस विचारधारा के खिलाफ लड़ना होगा।’’
महात्मा गांधी को भारत की ‘‘आत्मा’’, आंबेडकर को ‘‘रीढ़’’ और जवाहरलाल नेहरू को ‘‘सोच’’ बताते हुए दीपके ने कहा कि इन तीनों नेताओं ने देश की नींव रखी थी।
उन्होंने कहा कि मोदी की तुलना इन नेताओं से नहीं की जा सकती और आरोप लगाया कि वह वोट हटाकर नेहरू से अधिक समय तक सत्ता में बने रहना चाहते हैं। उन्होंने 1951 में पहला आम चुनाव कराने के लिए नेहरू की सराहना की और कहा कि उन्होंने ऐसे लोगों को भी मतदान का अधिकार दिया था, जिन्हें न तो चुनावों की जानकारी थी और न ही उनके पास दस्तावेज थे। दीपके ने कहा, ‘‘यह नेहरू की दूरदर्शिता थी, जिन्होंने लोगों को ऐसे अधिकार दिए, जिनके बारे में उन्हें खुद भी जानकारी नहीं थी।’’
दीपके ने आरोप लगाया कि ‘‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’’ महज एक नारा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसका वास्तविक उद्देश्य ‘‘एक राष्ट्र, एक पार्टी’’ है। उन्होंने इस कथित मंशा की तुलना जर्मन तानाशाह एडोल्फ हिटलर की मंशा से की। उन्होंने कहा कि भारत को तानाशाही में नहीं बदला जा सकता और महात्मा गांधी की विरासत का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा, ‘‘भले ही आपके लोगों ने महात्मा गांधी की हत्या की हो, जब तक लोग यहां खड़े हैं, महात्मा गांधी हम में से हर एक के भीतर जीवित हैं। वे महात्मा गांधी के विचार को नहीं मार पायेंगे।’’
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए दीपके ने दावा किया कि भाजपा और विपक्ष के बीच अंतर केवल दो प्रतिशत था और कहा कि ‘‘अबकी बार 400 पार’’ का नारा देने वाली भाजपा को 240 सीट मिलीं। भारत के लोकतंत्र को ‘‘बचाने’’ के लिए लोगों से सड़कों पर उतरने का आह्वान करते हुए दीपके ने कहा कि देश को तभी बचाया जा सकता है, जब लोगों के वोट सुरक्षित रहें।
उन्होंने कहा, ‘‘वे हमें कॉकरोच कहते हैं क्योंकि वे चाहते हैं कि हम कॉकरोच की तरह जिएं। लेकिन हमें उस कॉकरोच की तरह दृढ़ रहना भी सीखना होगा, जो कभी नहीं मरता।’’
दीपके ने ‘‘अगले विकेट’’ वाले व्यक्ति के नाम की घोषणा की और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लिया। उन्होंने दावा किया कि पहला विकेट केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का था।
उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते कहा, ‘‘अब ज्ञानू, आपकी बारी आ गई है।

