बक्सर में दुर्गापूजा के नियम तोड़े तो होगी कार्रवाई:प्रतिमा 20 फीट से ऊंची नहीं, DJ-भड़काऊ गाने और सोशल मीडिया पर प्रशासन की नजर

बक्सर में दुर्गापूजा के नियम तोड़े तो होगी कार्रवाई:प्रतिमा 20 फीट से ऊंची नहीं, DJ-भड़काऊ गाने और सोशल मीडिया पर प्रशासन की नजर

बक्सर जिला प्रशासन ने दुर्गापूजा और दशहरा के लिए सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण पर खास ध्यान देते हुए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नियम तोड़ने पर कार्रवाई होगी और पूजा समितियों के दावों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। प्रतिमाओं में प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) का इस्तेमाल पूरी तरह बंद रहेगा। प्रतिमाएं मिट्टी और बांस जैसी प्राकृतिक चीजों से बनेंगी। पारा, कैडमियम, आर्सेनिक, शीशा और क्रोमियम जैसे जहरीले रासायनिक रंगों पर रोक है। सिर्फ पानी में घुलने वाले और गैर-विषैले प्राकृतिक रंगों का उपयोग करना होगा। प्रतिमा की ऊंचाई अधिकतम 20 फीट और ऊपरी ढांचे की ऊंचाई 40 फीट से ज्यादा नहीं होगी। पंडाल की सजावट में थर्मोकोल और सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंधित है। कृत्रिम तालाब बनाने के निर्देश मूर्ति विसर्जन नदियों या तालाबों में नहीं, बल्कि कृत्रिम तालाबों में होगा। पर्याप्त कृत्रिम तालाब बनाने के निर्देश हैं। विसर्जन से पहले फूल, कपड़े और प्लास्टिक जैसी सजावटी चीजें प्रतिमा से अलग करनी होंगी। विसर्जन स्थल पर कचरा जलाना मना है। DJ-भड़काऊ गाने और सोशल मीडिया पर नजर दूसरी ओर, प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को लेकर भी सख्ती बरती है। पूजा पंडालों और जुलूसों में आपत्तिजनक झांकी, भड़काऊ नारेबाजी और प्रतिबंधित हथियारों के प्रदर्शन पर रोक रहेगी। डीजे और अश्लील गानों का इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सभी पूजा पंडालों, प्रतिमा स्थापना और जुलूस के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। जुलूस की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई जाएगी। सोशल मीडिया पर धार्मिक या जातीय भावना भड़काने वाली सामग्री पोस्ट करने वालों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रावण वध और विसर्जन स्थलों पर सीसीटीवी, वॉच टावर, एंबुलेंस, चिकित्सीय दल, क्यूआरटी और एसडीआरएफ की व्यवस्था की जाएगी। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि आस्था के साथ पर्यावरण की रक्षा करें और दुर्गापूजा एवं दशहरा को शांति, सौहार्द और सुरक्षित माहौल में मनाएं। बक्सर जिला प्रशासन ने दुर्गापूजा और दशहरा के लिए सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण पर खास ध्यान देते हुए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नियम तोड़ने पर कार्रवाई होगी और पूजा समितियों के दावों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। प्रतिमाओं में प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) का इस्तेमाल पूरी तरह बंद रहेगा। प्रतिमाएं मिट्टी और बांस जैसी प्राकृतिक चीजों से बनेंगी। पारा, कैडमियम, आर्सेनिक, शीशा और क्रोमियम जैसे जहरीले रासायनिक रंगों पर रोक है। सिर्फ पानी में घुलने वाले और गैर-विषैले प्राकृतिक रंगों का उपयोग करना होगा। प्रतिमा की ऊंचाई अधिकतम 20 फीट और ऊपरी ढांचे की ऊंचाई 40 फीट से ज्यादा नहीं होगी। पंडाल की सजावट में थर्मोकोल और सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंधित है। कृत्रिम तालाब बनाने के निर्देश मूर्ति विसर्जन नदियों या तालाबों में नहीं, बल्कि कृत्रिम तालाबों में होगा। पर्याप्त कृत्रिम तालाब बनाने के निर्देश हैं। विसर्जन से पहले फूल, कपड़े और प्लास्टिक जैसी सजावटी चीजें प्रतिमा से अलग करनी होंगी। विसर्जन स्थल पर कचरा जलाना मना है। DJ-भड़काऊ गाने और सोशल मीडिया पर नजर दूसरी ओर, प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को लेकर भी सख्ती बरती है। पूजा पंडालों और जुलूसों में आपत्तिजनक झांकी, भड़काऊ नारेबाजी और प्रतिबंधित हथियारों के प्रदर्शन पर रोक रहेगी। डीजे और अश्लील गानों का इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सभी पूजा पंडालों, प्रतिमा स्थापना और जुलूस के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। जुलूस की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई जाएगी। सोशल मीडिया पर धार्मिक या जातीय भावना भड़काने वाली सामग्री पोस्ट करने वालों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रावण वध और विसर्जन स्थलों पर सीसीटीवी, वॉच टावर, एंबुलेंस, चिकित्सीय दल, क्यूआरटी और एसडीआरएफ की व्यवस्था की जाएगी। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि आस्था के साथ पर्यावरण की रक्षा करें और दुर्गापूजा एवं दशहरा को शांति, सौहार्द और सुरक्षित माहौल में मनाएं।  

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