महेंद्रगढ़ जिले में किसानों से बाजरे की सरकारी खरीद समय पर शुरू नहीं होने के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त ने HAFED के जिला प्रबंधक प्रवीण भारद्वाज के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने की सिफारिश की है। इस संबंध में उपायुक्त ने HAFED के प्रबंध निदेशक, पंचकूला को पत्र भेजा है। इसमें जिला प्रबंधक पर लापरवाही, ड्यूटी में कोताही और जिले की मंडियों में बाजरे की खरीद समय पर शुरू नहीं करने का आरोप लगाया गया है। हैफेड को खरीद की जिम्मेदारी पत्र के अनुसार सरकार ने किसानों को उनकी उपज का पूरा लाभ दिलाने के लिए FAQ (फेयर एवरेज क्वालिटी) बाजरे का खरीद मूल्य 2300 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है। इसमें 600 रुपए प्रति क्विंटल भावांतर सहायता भी शामिल है। HAFED को जिले में बाजरे की खरीद की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि किसानों को परेशानी न हो और उन्हें सरकारी योजना का लाभ मिल सके। स्वास्थ्य मंत्री के दौरे में सामने आई स्थिति उपायुक्त ने पत्र में बताया कि जिला प्रबंधक को बार-बार बाजरे की खरीद शुरू करने के निर्देश दिए गए थे। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री ने भी जिले में खरीद शुरू कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद 7 सितंबर को नारनौल दौरे के दौरान स्थिति की जांच की गई तो HAFED की मंडियों में खरीद प्रभावी रूप से शुरू नहीं मिली। 5 सितंबर तक हुई मामूली खरीद पत्र के मुताबिक 5 सितंबर तक नारनौल मंडी में केवल 3.7 मीट्रिक टन बाजरे की मामूली खरीद हुई थी। इसके अलावा जिले में कोई सार्थक खरीद नहीं की गई थी। उपायुक्त ने इसे महत्वपूर्ण सरकारी योजना के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही माना है। किसानों को खुले बाजार में कम भाव मिलने का खतरा उपायुक्त ने कहा कि खरीद में देरी से किसानों को परेशानी हुई और उन्हें अपनी फसल खुले बाजार में सरकारी खरीद मूल्य से कम दाम पर बेचने की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। इससे किसानों को मिलने वाला MSP/खरीद मूल्य और भावांतर सहायता का पूरा लाभ नहीं मिल पाने की आशंका है। हैफेड की छवि हो सकती प्रभावित साथ ही इससे सरकार और HAFED की छवि भी प्रभावित हो सकती है। पत्र में HAFED के प्रबंध निदेशक से जिला प्रबंधक के खिलाफ लागू सेवा एवं अनुशासन नियमों के तहत उचित कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया गया है। सभी मंडियों में तुरंत खरीद शुरू करने के निर्देश उपायुक्त ने जिला प्रबंधक को जिले की सभी निर्धारित मंडियों में FAQ बाजरे की तुरंत और प्रभावी खरीद शुरू करने तथा रोजाना प्रगति रिपोर्ट देने के निर्देश देने की भी सिफारिश की है। इसका उद्देश्य खरीद प्रक्रिया की लगातार निगरानी करना और किसानों को आगे किसी तरह की परेशानी से बचाना है।

