लोक निर्माण विभाग मध्यप्रदेश के आधिकारिक फेसबुक पेज से बुधवार को जारी पोस्ट सोशल मीडिया पर चर्चा में है। इसमें जबलपुर-नरसिंहपुर-पिपरिया मार्ग की 140 किमी लंबी सड़क परियोजना को बीओटी योजना के तहत पूरा बताया गया है। पोस्ट में निर्माण लागत 74.96 करोड़ रुपए दर्शाई गई है। जबलपुर से गोटेगांव, नरसिंहपुर और पिपरिया होते हुए नर्मदापुरम को जोड़ने वाले मार्ग को पोस्ट में SH-22 की जगह SH-67 बताया गया है। सड़क की तस्वीर के साथ परियोजना पूरी होने का दावा किया गया है। इसी तकनीकी गलती को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यूजर्स ने सड़क की स्थिति पर उठाए सवाल पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने सड़क की जमीनी स्थिति और विभाग के दावे पर सवाल किए। किसान नेता प्रतीक शर्मा ने पूछा कि आखिर यह सड़क कब बनी। दीपक नेमा समेत अन्य यूजर्स ने भी पोस्ट पर सवालिया टिप्पणियां कीं। वायरल होने के बाद पोस्ट हटाने की चर्चा पोस्ट वायरल होने के बाद इसे विभाग के आधिकारिक फेसबुक पेज से हटाए जाने की बात सामने आई। इसके बाद सवाल उठ रहे हैं कि गलती सिर्फ सड़क नंबर की थी या परियोजना से जुड़े आंकड़ों में भी कोई त्रुटि है। विभाग के स्पष्टीकरण का इंतजार अब चर्चा इस बात पर है कि 140 किमी सड़क की वास्तविक स्थिति क्या है, 74.96 करोड़ रुपए की लागत किस परियोजना पर खर्च हुई और पोस्ट में SH-22 की जगह SH-67 क्यों लिखा गया। विभाग की ओर से इस संबंध में स्पष्ट स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

