आरबीआई गवर्नर संजल मल्होत्रा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि नियर टर्म में अब रेपो रेट में कटौती नहीं होगी। या तो रेपो रेट को स्टेबल रखा जाएगा या इसमें बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि मैक्रोइकोनॉमिक आंकड़ों और आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए मौद्रिक नीति समिति इस बारे में फैसला लेगी। रेपो रेट में इस बार 0.25 फीसदी का इजाफा किया गया है, इससे यह 5.50 फीसदी पर पहुंच गई है।
क्रेडिट ग्रोथ पर नहीं पड़ेगा असर
संजय मल्होत्रा ने कहा, “मेरा मानना है कि क्रेडिट ग्रोथ मजबूत बनी रहेगी। इसमें एक-दो प्रतिशत की कमी या बढ़ोतरी से बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ना चाहिए। जैसा कि मैंने पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी बताया था, क्रेडिट ग्रोथ इस समय अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर है।”
ज्यादा समय तक नहीं रहेगी सरप्लस लिक्विडिटी
संजय मल्होत्रा ने कहा, “इस समय सिस्टम में जरूरत से काफी ज्यादा सरप्लस लिक्विडिटी मौजूद है। लेकिन हमारा मानना है कि यह स्थिति बहुत लंबे समय तक नहीं रहने वाली है।” उन्होंने कहा, “मैं बिना कोई आंकड़ा बताए यह कह सकता हूं कि लिक्विडिटी के लंबे समय तक इतनी बड़ी सरप्लस स्थिति में बने रहने की उम्मीद नहीं है।”
NBFC ग्रोथ पर क्या बोले गवर्नर?
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “NBFC की ग्रोथ रफ्तार काफी मजबूत रही है। बैंकों की ओर से एनबीएफसी को दिए जाने वाले कर्ज में करीब 27% की बढ़ोतरी हुई है और एनबीएफसी की खुद की क्रेडिट ग्रोथ भी काफी मजबूत है।”
ग्लोबल फैक्टर्स भी रखते हैं मायने
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा, “हमारे नीतिगत फैसले घरेलू आर्थिक वृद्धि, महंगाई और व्यापक आर्थिक परिस्थितियों पर आधारित होते हैं। लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि बाहरी परिस्थितियों और ग्लोबल फैक्टर्स का कोई महत्व नहीं है।”
पॉलिसी के रुख को लेकर सदस्यों में रहा मतभेद
भारतीय रिजर्व बैंक की 6 सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने बेंचमार्क रेपो रेट में 25 आधार अंक की बढ़ोतरी कर इसे 5.50% करने के फैसले का सर्वसम्मति से समर्थन किया। यह दिसंबर 2024 में संजय मल्होत्रा के आरबीआई गवर्नर बनने के बाद रेपो रेट में पहली बढ़ोतरी है। हालांकि, पॉलिसी के रुख को लेकर समिति के सदस्यों में मतभेद रहा। एमपीसी ने 4-2 के बहुमत से पॉलिसी के रुख को ‘न्यूट्रल’ से बदलकर ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ करने का फैसला किया। बाहरी सदस्य नागेश कुमार और राम सिंह ने पॉलिसी के रुख को न्यूट्रल बनाए रखने के पक्ष में मतदान किया।

