Rasik Dulari Death Case Row: प्रेमानंद महाराज की किडनी की होगी सरकारी जांच? कौन हैं आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज, जिन्होंने की मांग

Rasik Dulari Death Case Row: प्रेमानंद महाराज की किडनी की होगी सरकारी जांच? कौन हैं आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज, जिन्होंने की मांग

Rasik Dulari Death Case Row: प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत से पहले का एक और CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। घटना के 11 दिन बाद मंगलवार को सामने आए इस चौथे वीडियो को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और इसमें रसिक दुलारी शरण गो कृपा कुंज के कमरे से निकलकर सीढ़ियों और गैलरी की तरफ जाते दिखाई दे रहे हैं। दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। इस बीच श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी ने मथुरा के जिलाधिकारी को पत्र भेजा। इस पत्र में उन्होंने संत प्रेमानंद की किडनी की सरकारी अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों से जांच कराने की मांग की है। आपको बताते हैं श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी के बारे में।

कौन हैं आशुतोष ब्रह्मचारी?

रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी तेज हो गई है। सोमवार को श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी ने मथुरा के जिलाधिकारी को पत्र भेजा। पत्र में उन्होंने संत प्रेमानंद की किडनी की सरकारी अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों से जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने वृंदावन स्थित श्री राधा केली कुंज आश्रम से जुड़े मामलों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग भी की।

जुलाई 2024 में भी भेजा था पत्र

आशुतोष ब्रह्मचारी ने अपने पत्र में कहा कि उन्होंने जुलाई 2024 में तत्कालीन जिलाधिकारी को भी पत्र भेजा था। इसमें उन्होंने अनिरुद्ध कुमार पांडे उर्फ संत प्रेमानंद की किडनी खराब होने के दावे की सरकारी अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों से जांच कराने और रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की थी।

कौन हैं आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज?

आशुतोष ब्रह्मचारी को जगद्गुरु रामभद्राचार्य का शिष्य बताया जाता है। वह श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष भी हैं और मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, आशुतोष ब्रह्मचारी का जन्म उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक पंडित परिवार में हुआ था। उनके पिता रोडवेज बस में कंडक्टर थे।

2022 में रामभद्राचार्य से ली थी दीक्षा

बताया जाता है कि आशुतोष ब्रह्मचारी ने वर्ष 2022 में जगद्गुरु रामभद्राचार्य से दीक्षा लेने के बाद संन्यासी जीवन अपना लिया था। इसके बाद वह धार्मिक और सामाजिक मुद्दों से जुड़े मामलों में सक्रिय रहे। वर्तमान में वह रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग और संत प्रेमानंद की किडनी की सरकारी जांच की मांग को लेकर चर्चा में हैं।

वायरल हो रहा एक और वीडियो

बता दें कि मामले को लेकर एक वीडियो और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें रसिक दुलारी शरण सफेद रंग का हाफ कुर्ता और पीले रंग की धोती पहने नजर आ रहे हैं। वह कमरे से बाहर निकलने के बाद अपनी धोती संभालते हुए लड़खड़ाते कदमों से आगे बढ़ते दिखाई देते हैं। वीडियो में वह करीब 20 कदम तक चलते नजर आते हैं। इसके बाद वह सीढ़ियों की तरफ जाने के लिए गैलरी से दूसरी ओर मुड़ जाते हैं। फुटेज को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें किसी तरह की चोट लगी हो सकती है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। साथ ही वायरल हो रहे वीडियो की पुष्टि पत्रिका न्यूज टीम नहीं करती है।

एसपी सिटी राजीव कुमार ने फुटेज के वायरल होने को लेकर जानकारी जुटाने की बात कही है। अब यह सवाल भी उठ रहा है कि CCTV फुटेज कहां से सामने आ रहे हैं और इन्हें सोशल मीडिया पर कौन वायरल कर रहा है।

25 सितंबर को चौथी मंजिल से कूदकर दी थी जान

गौरतलब है कि रसिक दुलारी शरण ने 25 सितंबर की सुबह गो कृपा कुंज की इमारत की चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। घटना के बाद से पुलिस मामले की जांच में जुटी है। मौत की वजह और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच के लिए पुलिस अब तक 50 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है। पुलिस अलग-अलग बिंदुओं को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल कर रही है।

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