अक्टूबर माह में पीडीएस का राशन गरीबों को वितरण कार्य चालू नहीं हो सका है। कमीशन-मानदेय की मांग को लेकर 489 दुकानों के सेल्समैन हड़ताल पर हैं। इससे गरीबों को गेहूं-चावल का वितरण नहीं हो सका है। अधिकारियों का दावा है कि पोर्टल चालू हो गया है। वितरण का कार्य भी जल्द शुरू हो जाएगा।
489 दुकानों पर राशन का वितरण शुरू नहीं हो सका
पीडीएस दुकानों पर सेल्समैनों के कमीशन और मानदेय की लड़ाई में गरीबों का 40 हजार क्विंटल राशन अटका हुआ है। अक्टूबर के छह दिन बीत गए। लेकिन अभी तक 489 दुकानों पर राशन का वितरण शुरू नहीं हो सका है। 2.58 लाख कार्डधारी परिवारों के करीब 12.90 लाख सदस्य का गेहूं-चावल दुकानों के भीतर ताले में कैद है। दुकानों पर राशन पहुंच चुका है। लेकिन उपभोक्ताओं के हाथ अब भी खाली हैं।
विक्रेताओं के हड़ताल से थम गई वितरण व्यवस्था
जिले में हर माह औसत 40 हजार क्विंटल गेहूं-चावल वितरण होता है। सेल्समैनों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण वितरण की व्यवस्था थम गई है। विक्रेता कमीशन और मानदेय बढ़ाने की मांग पर अड़े हैं। जिला आपूर्ति अधिकारी सीताराम कोठारे का दावा है कि खाद्यान्न वितरण के लिए मंगलवार से पोर्टल चालू हो गया है। वितरण भी बुधवार से शुरू हो जाएगा।
शहरी क्षेत्र में 90 से बढ़ाकर 250 रुपए कमीशन की मांग
शहरी क्षेत्र के विक्रेताओं को 90 रुपए प्रति क्विंटल कमीशन मिल रहा है। विक्रेताओं का कहना है कि यही दर करीब 10 साल से चली आ रही है। महंगाई और दुकान संचालन का खर्च बढ़ने के बावजूद कमीशन में बढ़ोतरी नहीं हुई। अब वे इसे बढ़ाकर 250 रुपए प्रति क्विंटल की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि भुगतान समय से दिया जाए।
ग्रामीण सेल्समैन को 10,800 की जगह 5,500
ग्रामीण क्षेत्र में सेल्समैनों के लिए 10 हजार 800 रुपए मानदेय तय है। आरोप है कि उन्हें 5,500 रुपए ही मिल रहे हैं। मानदेय कम होने से ग्रामीण क्षेत्र के सेल्समैन भी लामबंद हैं। इनकी मांग है कि तय मानदेय का पूरा भुगतान किया जाए और राशि हर माह पांच तारीख तक खाते में पहुंचाई जाए।
2.58 लाख परिवार, हर माह 40 हजार क्विंटल वितरण
जिले में 489 उचित मूल्य दुकानें हैं। इनमें शहर में 40 दुकानें और नपं क्षेत्रों में 18 दुकानें हैं। इन दुकानों से 2 लाख 58 हजार कार्डधारी परिवार यानी 12 लाख 90 हजार सदस्यों को राशन मिलता है। हर माह करीब 4 हजार टन (40 हजार क्विंटल ) गेहूं-चावल का वितरण होता है। इसके एवज में सेल्समैनों को हर माह 42 लाख रुपए से अधिक कमीशन का भुगतान किया जाता है। शहरी क्षेत्र और नगर पंचायतों को मिलाकर करीब 5 से 6 लाख रुपए कमीशन बनता है।
दुकानों पर अनाज, फिर भी उपभोक्ता खाली हाथ
दुकानों पर राशन की आपूर्ति जारी है। बावजूद इसके वितरण शुरू नहीं हो पाया है। हड़ताल के कारण पोर्टल पर वितरण प्रक्रिया प्रभावित रही। नतीजा यह है कि दुकान तक पहुंचने वाले उपभोक्ताओं को लौटना पड़ रहा है। छह दिन से जिलेभर में यही स्थिति बनी हुई है।
फैक्ट फाइल
489 -उचित मूल्य दुकानें
2.58 -लाख राशन कार्डधारी परिवार
40-45 -हजार क्विंटल हर माह गेहूं-चावल का औसत वितरण
दुकान खुली, राशन बंद
दुकानों पर गेहूं-चावल की आपूर्ति जारी है। उपभोक्ता भी राशन लेने पहुंच रहे हैं। लेकिन सेल्समैन हड़ताल पर हैं। नतीजा यह कि अनाज दुकानों में पड़ा है और गरीब परिवार खाली हाथ लौट रहे हैं। छह दिन से व्यवस्था इसी तरह चल रही है।
कमीशन के फेर में गरीबों का राशन अटका
सेल्समैन कमीशन बढ़ाने और समय पर भुगतान की मांग पर अड़े हैं। खींचतान का सीधा असर उन 2.58 लाख उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है, जिन्हें हर माह राशन चाहिए। सवाल यह है कि मांगों का समाधान होने तक गरीब परिवार अपना चूल्हा कैसे चलाएंगे।
जल्द शुरू होगा वितरण : आपूर्ति अधिकारी
सेल्समैनों की मांगों का मामला शासन स्तर का है। पोर्टल चालू हो गया है। वितरण का कार्य जल्द शुरू होगा।
सीताराम कोठारे, जिला आपूर्ति अधिकारी

