लक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में इंदिरा एकादशी पर भव्य व्रतोत्सव आयोजित हुआ। आयोजन के दौरान आस्था और परंपरा के अनुरूप वैदिक धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। मंदिर परिसर में प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में विश्वरूप दर्शन के बाद सुप्रभातम्, मंगलाशासनम् और वेंकटेश स्तोत्र सहित विविध मंगलगान हुए। इसके बाद दिक्पाल पूजन, षोडशोपचार से आराधना तथा नक्षत्र आरती, अमृत कलश आरती और कर्पूर आरती की गई। अर्चक सत्यनारायण गौतम, गोपेश आचार्य और नारायण दास ने रात्रि शयन आरती के बाद मंगल प्रार्थना कर त्रिकाल सेवा पूर्ण कराई। लक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में इंदिरा एकादशी पर भव्य व्रतोत्सव आयोजित हुआ। आयोजन के दौरान आस्था और परंपरा के अनुरूप वैदिक धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। मंदिर परिसर में प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में विश्वरूप दर्शन के बाद सुप्रभातम्, मंगलाशासनम् और वेंकटेश स्तोत्र सहित विविध मंगलगान हुए। इसके बाद दिक्पाल पूजन, षोडशोपचार से आराधना तथा नक्षत्र आरती, अमृत कलश आरती और कर्पूर आरती की गई। अर्चक सत्यनारायण गौतम, गोपेश आचार्य और नारायण दास ने रात्रि शयन आरती के बाद मंगल प्रार्थना कर त्रिकाल सेवा पूर्ण कराई।

