औरंगाबाद- धान आच्छादन में हासिल की 95.06% उपलब्धि:निजी नलकूप के लिए 2809 आवेदन, कृषि टास्क फोर्स की बैठक में योजनाओं की समीक्षा

औरंगाबाद- धान आच्छादन में हासिल की 95.06% उपलब्धि:निजी नलकूप के लिए 2809 आवेदन, कृषि टास्क फोर्स की बैठक में योजनाओं की समीक्षा

औरंगाबाद जिले में 1.76 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य के विरुद्ध 1,67,309.23 हेक्टेयर भूमि में धान की खेती की गई है। यह लक्ष्य का 95.06 प्रतिशत है। मंगलवार को समाहरणालय स्थित योजना भवन सभागार में कृषि विभाग की समीक्षा की गई। डीएम अभिलाषा शर्मा ने बारी-बारी से बिन्दुवार समीक्षा की।बैठक में वर्ष 2026 में जिले में हुई वर्षापात की स्थिति और प्रखंडवार धान आच्छादन की भी समीक्षा की गई। जिन प्रखंडों में लक्ष्य के अनुरूप बेहतर उपलब्धि हुई है, उसकी सराहना करते हुए अन्य प्रखंडों में भी तेजी से काम करने को कहा गया। 2809 किसानों ने निजी नलकूप के लिए किया आवेदन किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संचालित मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में योजना के तहत कुल 2,809 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 1,812 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 1,421 दावों पर भुगतान प्रक्रिया की स्थिति की समीक्षा की गई। डीएम ने योजना के लंबित कार्यों में तेजी लाने और किसानों को समय पर लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। वहीं कृषि इनपुट अनुदान के तहत जिले में 5,586 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनके सत्यापन और स्वीकृति की प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए लंबित आवेदनों का जल्द निष्पादन करने को कहा गया। 6.58 लाख प्लॉट का डिजिटल क्रॉप सर्वे पूरा बैठक में डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) की प्रगति भी देखी गई। जिले में आवंटित 9,95,787 प्लॉटों में से 6,58,155 प्लॉटों का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। यह कुल लक्ष्य का 66.09 प्रतिशत है। डीएम ने शेष प्लॉटों का सर्वे निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने का निर्देश दिया। रबी 2026-27 के लिए दलहन-तिलहन के प्रमाणित बीज, मिनीकिट और प्रत्यक्षण की तैयारियों की भी समीक्षा हुई। मसूर, चना, हरा चना, मटर और काबुली चना के गुणवत्तापूर्ण बीज किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। इसके अलावा प्राकृतिक खेती, कृषि यंत्रीकरण, वर्मी कंपोस्ट और किसान प्रशिक्षण की प्रगति भी देखी गई। मृदा स्वास्थ्य जांच के लिए कलेक्ट किए गए 2740 नमूने मृदा स्वास्थ्य के तहत 3,090 के लक्ष्य के विरुद्ध 2,740 नमूने संग्रहित, 2,310 प्रयोगशाला में प्राप्त और 1,710 का विश्लेषण किया गया है। 1,520 सॉयल हेल्थ कार्ड वितरित किए गए हैं। डीएम ने सभी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाने का निर्देश दिया। बैठक में अपर समाहर्ता विशेष कार्यक्रम सैदुल हसन खां, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्वेतांक लाल सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे। औरंगाबाद जिले में 1.76 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य के विरुद्ध 1,67,309.23 हेक्टेयर भूमि में धान की खेती की गई है। यह लक्ष्य का 95.06 प्रतिशत है। मंगलवार को समाहरणालय स्थित योजना भवन सभागार में कृषि विभाग की समीक्षा की गई। डीएम अभिलाषा शर्मा ने बारी-बारी से बिन्दुवार समीक्षा की।बैठक में वर्ष 2026 में जिले में हुई वर्षापात की स्थिति और प्रखंडवार धान आच्छादन की भी समीक्षा की गई। जिन प्रखंडों में लक्ष्य के अनुरूप बेहतर उपलब्धि हुई है, उसकी सराहना करते हुए अन्य प्रखंडों में भी तेजी से काम करने को कहा गया। 2809 किसानों ने निजी नलकूप के लिए किया आवेदन किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संचालित मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में योजना के तहत कुल 2,809 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 1,812 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 1,421 दावों पर भुगतान प्रक्रिया की स्थिति की समीक्षा की गई। डीएम ने योजना के लंबित कार्यों में तेजी लाने और किसानों को समय पर लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। वहीं कृषि इनपुट अनुदान के तहत जिले में 5,586 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनके सत्यापन और स्वीकृति की प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए लंबित आवेदनों का जल्द निष्पादन करने को कहा गया। 6.58 लाख प्लॉट का डिजिटल क्रॉप सर्वे पूरा बैठक में डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) की प्रगति भी देखी गई। जिले में आवंटित 9,95,787 प्लॉटों में से 6,58,155 प्लॉटों का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। यह कुल लक्ष्य का 66.09 प्रतिशत है। डीएम ने शेष प्लॉटों का सर्वे निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने का निर्देश दिया। रबी 2026-27 के लिए दलहन-तिलहन के प्रमाणित बीज, मिनीकिट और प्रत्यक्षण की तैयारियों की भी समीक्षा हुई। मसूर, चना, हरा चना, मटर और काबुली चना के गुणवत्तापूर्ण बीज किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। इसके अलावा प्राकृतिक खेती, कृषि यंत्रीकरण, वर्मी कंपोस्ट और किसान प्रशिक्षण की प्रगति भी देखी गई। मृदा स्वास्थ्य जांच के लिए कलेक्ट किए गए 2740 नमूने मृदा स्वास्थ्य के तहत 3,090 के लक्ष्य के विरुद्ध 2,740 नमूने संग्रहित, 2,310 प्रयोगशाला में प्राप्त और 1,710 का विश्लेषण किया गया है। 1,520 सॉयल हेल्थ कार्ड वितरित किए गए हैं। डीएम ने सभी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाने का निर्देश दिया। बैठक में अपर समाहर्ता विशेष कार्यक्रम सैदुल हसन खां, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्वेतांक लाल सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे।  

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