राज्यसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की ओर से तीसरा प्रत्याशी नहीं उतारे जाने को लेकर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तंज कसा। प्रयागराज में उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव पहली बार समझदारी का परिचय दे गए। अगर सपा तीसरा प्रत्याशी मैदान में उतारती तो भाजपा अपना नौवां उम्मीदवार खड़ा कर देती। सपा के तीसरे प्रत्याशी की हार और भाजपा प्रत्याशी की जीत तय थी। तीसरा प्रत्याशी उतारते तो भाजपा नौवां उम्मीदवार खड़ा करती
डिप्टी सीएम ने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी तीसरा प्रत्याशी उतारती तो भाजपा भी नौवां प्रत्याशी मैदान में उतार देती। उन्होंने कहा कि संख्या बल के लिहाज से भाजपा प्रत्याशी की जीत और सपा के तीसरे प्रत्याशी की हार निश्चित थी। ऐसे में अखिलेश यादव ने तीसरा प्रत्याशी न उतारकर समझदारी दिखाई है। ‘तीन नहीं, 403 की बात से समझ गया कि हैसियत का अंदाजा लग गया’
अखिलेश यादव के ‘तीन नहीं, 403’ वाले बयान पर भी डिप्टी सीएम ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव भाजपा के सत्ता में बने रहने से बेचैन हैं। उन्होंने कहा, “जब आज अखिलेश ने तीन नहीं, 403 की बात की तो मैं समझ गया कि उनको अपनी हैसियत का अंदाजा लग गया है।” केशव ने कहा कि अखिलेश यादव 2022 के विधानसभा चुनाव में भी 403 सीटों की बात कर रहे थे। उस समय समाजवादी पार्टी की गाड़ी 113 पर अटक गई थी। उन्होंने दावा किया कि इस बार सपा की स्थिति और खराब होगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “इस बार उनकी साइकिल की चेन 100 का नंबर पूरा करने से पहले ही उतर जाएगी और समाजवादी पार्टी का सूपड़ा साफ होगा।” चुनाव आयोग पर दिए बयान पर पूछा- सपा के विधायक-सांसद किसके वोट से जीते? चुनाव आयोग को लेकर अखिलेश यादव के बयान पर भी केशव प्रसाद मौर्य ने पलटवार किया। दरअसल अखिलेश ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग उन्हीं लोगों को भारत का नागरिक मानता है, जो भाजपा के सदस्य हों। इस पर डिप्टी सीएम ने सवाल किया, “अखिलेश के जो विधायक-सांसद हैं, वो भारत के नागरिकों के वोटों से नहीं तो क्या घुसपैठियों के वोटों से जीतकर आए हैं?” केशव ने अखिलेश के इस आरोप पर सवाल उठाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के विधायक और सांसद भी चुनाव में भारतीय मतदाताओं के वोट से निर्वाचित होकर आए हैं। उनके बयान का मकसद चुनाव आयोग को लेकर अखिलेश यादव की टिप्पणी पर सवाल खड़ा करना था। राज्यसभा में निर्विरोध निर्वाचन की स्थिति
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए भाजपा और सपा के प्रत्याशी मैदान में हैं। सपा ने दो प्रत्याशी उतारे हैं, जबकि भाजपा ने आठ प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। सपा की ओर से तीसरा प्रत्याशी नहीं उतारे जाने के बाद अब कुल 10 प्रत्याशी ही मैदान में रह गए हैं। ऐसे में सभी 10 प्रत्याशियों के निर्विरोध निर्वाचित होने की स्थिति बन गई है। डिप्टी सीएम ने यह भी कहा कि निर्विरोध निर्वाचित होने जा रहे सभी प्रत्याशियों को बहुत-बहुत बधाई देते हैं।

