UP STF Wanted Criminal Arrested: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने प्रयागराज कमिश्नरेट के थाना कोरांव में दर्ज मुकदमे में वांछित चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त महफूज को बिहार के नालंदा जिले से गिरफ्तार किया है। एसटीएफ की फील्ड इकाई बरेली की टीम ने यह कार्रवाई पांच अक्टूबर 2026 को की। एसटीएफ के मुताबिक, गिरफ्तार अभियुक्त लंबे समय से गिरफ्तारी से बचने के लिए नालंदा के इस्लामपुर में छिपकर रह रहा था। उसके खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, बीएनएस और शस्त्र अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
एसटीएफ के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान महफूज पुत्र फारूख, निवासी चमरौवा, थाना शहजादनगर, जनपद रामपुर के रूप में हुई है। टीम ने उसे पांच अक्टूबर की शाम करीब 5:15 बजे नालंदा जिले के इस्लामपुर स्थित अस्तकी मस्जिद के बराबर वाली गली से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को प्रयागराज के थाना कोरांव में दाखिल किया गया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस की ओर से की जा रही है।
इनामी अपराधियों की तलाश में जुटी थी टीम
एसटीएफ के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में वांछित और पुरस्कार घोषित अभियुक्तों के संबंध में लगातार सूचनाएं जुटाई जा रही थीं। इसी क्रम में एसटीएफ की फील्ड इकाई बरेली की टीम भी ऐसे आरोपियों के बारे में अभिसूचना संकलित कर रही थी। इसी दौरान प्रयागराज के थाना कोरांव में दर्ज मुकदमे में वांछित महफूज के बिहार के नालंदा जिले में छिपे होने की जानकारी टीम को मिली। अपर पुलिस अधीक्षक अब्दुल कादिर के पर्यवेक्षण में और उपनिरीक्षक धूम सिंह के नेतृत्व में टीम नालंदा में सक्रिय थी। टीम को सूचना मिली कि 50 हजार रुपये का इनामी अभियुक्त महफूज इस्लामपुर क्षेत्र में मौजूद है। सूचना को विकसित करने के बाद एसटीएफ की टीम बताए गए स्थान की ओर रवाना हुई और संदिग्ध की तलाश शुरू की गई।
मस्जिद के पास वाली गली में दबोचा
मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर एसटीएफ टीम इस्लामपुर स्थित अस्तकी मस्जिद के बराबर वाली गली में पहुंची। एसटीएफ के मुताबिक, बताए गए हुलिए और पहचान के आधार पर टीम ने महफूज को चिन्हित किया। इसके बाद उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। कार्रवाई के दौरान टीम ने स्थानीय स्तर पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। एसटीएफ की कार्रवाई में उपनिरीक्षक धूम सिंह के साथ मुख्य आरक्षी संदीप कुमार, मुख्य आरक्षी हरिओम सिंह, मुख्य आरक्षी संजय यादव और मुख्य आरक्षी चालक मनोज कुमार अवस्थी शामिल रहे। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को संबंधित मुकदमे में आगे की कार्रवाई के लिए प्रयागराज पुलिस के सुपुर्द किया गया।
कोरांव के मुकदमे में था वांछित
एसटीएफ के मुताबिक महफूज के खिलाफ थाना कोरांव, प्रयागराज में नौ अक्टूबर 2025 को मुकदमा अपराध संख्या 271/25 दर्ज किया गया था। इस मामले में उत्तर प्रदेश गौवध निवारण अधिनियम की धारा 3/5ए/8, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11घ, धारा 325 बीएनएस और धारा 4/25 शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। एसटीएफ के अनुसार, मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही महफूज गिरफ्तारी से बचने के लिए अलग-अलग स्थानों पर छिपता रहा। पूछताछ में उसने बताया कि वह नालंदा के इस्लामपुर में रह रहा था। पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए उसने प्रयागराज से दूर बिहार को ठिकाना बनाया था। इसी दौरान एसटीएफ को उसके नालंदा में होने की जानकारी मिली और टीम ने वहां पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
मुकदमे में कार भी हुई थी बरामद
पूछताछ के दौरान एसटीएफ को दी गई जानकारी के मुताबिक, कोरांव थाने में दर्ज इसी मुकदमे की कार्रवाई के दौरान महफूज की कार संख्या UP 14 CA 3434 भी पुलिस ने पकड़ी थी। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए उसके लगातार ठिकाना बदलने की बात सामने आई है। एसटीएफ ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसे थाना कोरांव, कमिश्नरेट प्रयागराज में दाखिल कर दिया गया है। अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई स्थानीय पुलिस करेगी। पुलिस यह भी देखेगी कि मुकदमे से जुड़े अन्य आरोपियों या घटनाक्रम के संबंध में कोई अतिरिक्त जानकारी सामने आती है या नहीं।
तीन मुकदमों का आपराधिक इतिहास
एसटीएफ के मुताबिक महफूज के खिलाफ अब तक तीन मुकदमों की जानकारी सामने आई है। इनमें पहला मामला वर्ष 2018 में थाना मिलक, जनपद रामपुर में दर्ज हुआ था। इस मुकदमे में गोहत्या निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धाराओं में कार्रवाई की गई थी। इसके बाद वर्ष 2023 में थाना तरया सुजान, जनपद कुशीनगर में उसके खिलाफ दूसरा मुकदमा दर्ज होने की जानकारी एसटीएफ ने दी है। इसमें गोहत्या निवारण अधिनियम और पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम की धाराएं लगाई गई थीं। तीसरा मामला वर्ष 2025 में प्रयागराज के थाना कोरांव में दर्ज हुआ, जिसमें गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, बीएनएस और शस्त्र अधिनियम की धाराएं शामिल हैं।
लंबे समय से गिरफ्तारी से बचने का दावा
एसटीएफ के अनुसार, वर्ष 2025 में प्रयागराज में मुकदमा दर्ज होने के बाद महफूज लगातार गिरफ्तारी से बचने का प्रयास कर रहा था। पुलिस की नजर से दूर रहने के लिए उसने प्रयागराज से बाहर बिहार के नालंदा जिले में ठिकाना बनाया। इस दौरान वह इस्लामपुर में रह रहा था। पुरस्कार घोषित किए जाने के बाद एसटीएफ की विभिन्न इकाइयां ऐसे आरोपियों के बारे में सूचनाएं जुटा रही थीं। इसी सूचना तंत्र के जरिए महफूज के नालंदा में मौजूद होने की जानकारी सामने आई। सूचना की पुष्टि और निगरानी के बाद एसटीएफ टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
स्थानीय पुलिस करेगी आगे की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद महफूज को प्रयागराज के थाना कोरांव में दाखिल किया गया है। अब मामले में आगे की विधिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस की ओर से की जाएगी। पुलिस मुकदमे में दर्ज आरोपों, उपलब्ध साक्ष्यों और आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी करेगी।
एसटीएफ की इस कार्रवाई से एक ऐसे आरोपी की गिरफ्तारी हुई है, जो प्रयागराज में दर्ज मुकदमे के बाद दूसरे राज्य में जाकर रह रहा था। उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ की ओर से वांछित एवं पुरस्कार घोषित अभियुक्तों की तलाश में चलाए जा रहे अभियान के तहत इस कार्रवाई को देखा जा रहा है। हालांकि, आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान ही होगी।
दूसरे राज्य में छिपे आरोपी तक पहुंची एसटीएफ
महफूज की गिरफ्तारी में सबसे अहम पहलू उसका उत्तर प्रदेश से बाहर नालंदा में छिपकर रहना रहा। प्रयागराज में मुकदमा दर्ज होने के करीब एक साल बाद एसटीएफ ने उसके ठिकाने की जानकारी जुटाई और बिहार पहुंचकर कार्रवाई की। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि वांछित आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें दूसरे राज्यों में भी सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई कर रही हैं। फिलहाल महफूज को प्रयागराज पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। एसटीएफ के मुताबिक आरोपी के खिलाफ सामने आए तीन मुकदमों के आधार पर उसके आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटाई गई है। अब कोरांव पुलिस मुकदमे से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

