केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने 6 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और भारत निर्वाचन आयोग की आलोचना की। उन्होंने मतदाता सूची के चल रहे ‘विशेष गहन संशोधन’ (SIR) को लेकर सरकार पर चुनाव प्रक्रिया को कमजोर करने की कोशिश का आरोप लगाया। कोझिकोड में CPI(M) की विस्तारित जिला समिति की बैठक के उद्घाटन सत्र में बोलते हुए, विजयन ने चुनाव आयोग की विश्वसनीयता और निष्पक्षता पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इसकी निष्पक्षता और विश्वसनीयता गंभीर संदेह के घेरे में आ गई है।
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विजयन ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के दौरान की गई कार्रवाई गलत थी और उन्होंने चुनाव आयोग पर लोकतांत्रिक तरीके से काम न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार अपनी ज़िम्मेदारियाँ लोकतांत्रिक तरीके से नहीं निभा रहे हैं। उस पद पर रहते हुए उन्होंने जो कुछ भी किया है, वह वही है जो RSS चाहती थी। उन्होंने आगे दावा किया कि वोटर लिस्ट से करोड़ों वोटरों को हटाने की जल्दबाज़ी दिखाई गई और अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि यह साफ़ हो गया है कि ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त का पद संभालने के लायक नहीं हैं।
CPI(M) की ज़िला समिति की दो दिन की विस्तारित बैठक पार्टी के कोझिकोड ज़िला समिति कार्यालय में ‘टी पी दासन नगर’ में शुरू हुई। वरिष्ठ नेता सी भास्करन ने सुबह 9:30 बजे AKG हॉल में पार्टी का झंडा फहराया। विजयन ने आधिकारिक तौर पर बैठक की कार्यवाही का उद्घाटन किया। इस बैठक में 125 लोग शामिल हो रहे हैं, जिनमें ज़िला समिति के सदस्य, अलग-अलग इलाकों से चुने गए प्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
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CPI(M) केंद्रीय समिति के सदस्य के.के. शैलजा, पी. साथीदेवी, टी.पी. रामकृष्णन और सी.एस. सुजाता के साथ-साथ राज्य सचिवालय के सदस्य पी.ए. मोहम्मद रियास, सी.एन. मोहनन और वी. शिवनकुट्टी भी मौजूद हैं। बैठक बुधवार शाम को खत्म होगी।

