जर्मनी के विदेशी खुफिया एजेंसी के पूर्व प्रमुख ऑगस्ट हैंनिंग को जासूसी और राजद्रोह के गंभीर आरोपों में हिरासत में लिया गया है। जर्मन अखबार ‘बिल्ड’ ने मंगलवार को यह जानकारी दी है। हैंनिंग पर आरोप है कि उन्होंने विदेशी ताकत के लिए गोपनीय जानकारी हासिल की और बेचने की कोशिश की।
जांचकर्ताओं का कहना है कि हैंनिंग ने बीएनडी (जर्मनी की विदेशी खुफिया एजेंसी) के एक पूर्व कर्मचारी से गुप्त दस्तावेज खरीदे। ये दस्तावेज चांसलर कार्यालय के लिए बने खुफिया रिपोर्ट्स का हिस्सा थे। हैंनिंग इन्हें अपनी कंसल्टिंग कंपनी के जरिए आगे बेचने वाले थे।
2005 तक खुफिया प्रमुख थे हैंनिंग
हैंनिंग का कार्यकाल 2005 में खत्म हो चुका था, लेकिन पुराने संपर्क अभी भी काम आ रहे थे। इस मामले में पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। आरोप जासूसी, राजद्रोह और गोपनीय जानकारी अवैध तरीके से हासिल करने के हैं। जर्मनी में ऐसे मामले बहुत गंभीर माने जाते हैं क्योंकि ये देश की सुरक्षा को सीधे प्रभावित करते हैं।
जांच कैसे शुरू हुई?
पूरा मामला तब सामने आया जब चांसलर कार्यालय के लिए बनाई गई खुफिया रिपोर्ट्स लीक होने का पता चला। इस लीक की जांच में हैंनिंग का नाम निकला।
बिल्ड अखबार के मुताबिक, वे इन रिपोर्ट्स को खरीदकर आगे बेचने की योजना बना रहे थे। हालांकि, बीएनडी और जर्मनी के संघीय अभियोजक कार्यालय ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
जर्मनी की खुफिया व्यवस्था पर असर
हैंनिंग लंबे समय तक बीएनडी के मुखिया रहे। उनके समय में एजेंसी कई बड़े ऑपरेशन चलाती थी। अब एक पूर्व मुखिया पर ही ऐसे आरोप लगना पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है।
जर्मनी में ऐसे मामलों की जांच सख्ती से होती है। अगर आरोप साबित हुए तो हैंनिंग पर लंबी सजा हो सकती है। फिलहाल वे हिरासत में हैं और आगे की कानूनी प्रक्रिया चल रही है।

