नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर इस्पात कंपनी टाटा स्टील अपनी अनुषंगी नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (एनआईएनएल) की क्षमता में सालाना करीब 50 लाख टन की वृद्धि कर रही है, जिसके लिए बड़ा पूंजी निवेश किया जा रहा है। कंपनी के शीर्ष अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। टाटा स्टील के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक टी वी नरेंद्रन ने यहां ‘इंडियन फाउंडेशन फॉर क्वालिटी मैनेजमेंट’ (आईएफक्यूएम) के संगोष्ठी कार्यक्रम से इतर कहा कि कंपनी ने एनआईएनएल में क्षमता विस्तार परियोजना की घोषणा पहले ही कर दी है।
उन्होंने वृद्धि योजना के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘हमने नीलाचल में 50 लाख टन का क्षमता विस्तार पहले ही घोषित कर दिया है, जो कलिंगनगर में ही है। यह लंबे इस्पात उत्पादों की क्षमता का विस्तार है। हमने घोषणा की है कि यह 40,000 करोड़ रुपये की परियोजना है।’’
टाटा स्टील ने चार जुलाई, 2022 को अपनी तत्कालीन अनुषंगी टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट्स (टीएसएलपी) के जरिये 12,100 करोड़ रुपये में ओडिशा स्थित नीलाचल इस्पात निगम का अधिग्रहण पूरा किया था।
कलिंगनगर में स्थित एनआईएनएल का सालाना 10 लाख टन क्षमता वाला इस्पात संयंत्र विभिन्न कारणों से तीन साल से अधिक समय तक बंद रहा था। इनमें धन की कमी एक प्रमुख कारण थी। नरेंद्रन ने कहा कि कलिंगनगर आज देश के सबसे उन्नत इस्पात संयंत्रों में से एक है और वहां वाहन तथा तेल एवं गैस क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करने वाली उन्नत सुविधाएं हैं।
उन्होंने कहा कि कंपनी को बेहतर उत्पाद मिश्रण और कम लागत वाली संरचना का लाभ मिल रहा है। टाटा स्टील ने पिछले साल मई में ओडिशा स्थित टाटा स्टील कलिंगनगर के दूसरे चरण के विस्तार का काम पूरा होने की घोषणा की थी। इसके साथ देश में इसकी कुल इस्पात उत्पादन क्षमता बढ़कर 2.61 करोड़ टन सालाना हो गई।

