संतकबीरनगर में जिला केसरी पहलवान ब्रह्मानंद यादव हत्याकांड में सोमवार को परिवार का दर्द सामने आया। कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के भगठान (गोसाईपुर) गांव में हुई हत्या के बाद मृतक की पत्नी पूजा यादव ने पुलिस-प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने कहा, “मेरी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मैं बहुत परेशान हो गई हूं। अगर मेरी सुनवाई नहीं हुई तो मैं भी जान दे दूंगी।” पूजा यादव ने कहा कि जब तक हत्या में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक परिवार ब्रह्मभोज कार्यक्रम नहीं करेगा। उनका आरोप है कि अधिकारी लगातार आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें न्याय नहीं मिला है। उन्होंने आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की भी मांग की। हालांकि, पुलिस अब तक इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। परिवार का कहना है कि हत्या में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जाए और साक्ष्यों के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। SP को प्रार्थना-पत्र, कई अन्य लोगों पर लगाए आरोप मृतक के भाई रमाकान्त ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना-पत्र देकर मुकदमे में नामजद आरोपियों के अलावा कई अन्य लोगों पर हत्या में शामिल होने और साजिश रचने का आरोप लगाया है। प्रार्थना-पत्र में रामललित, जोगेंद्र, संजय, बृजेश, रामस्वरूप, शीला पत्नी जनार्दन और निशा समेत अन्य लोगों के नाम बताए गए हैं। परिजनों का आरोप है कि घटना के दौरान कुछ लोग लाठी-डंडे, फरसा और गैंता लेकर मौके पर मौजूद थे। प्रार्थना-पत्र में दावा किया गया है कि ब्रह्मानंद की आंखों में मिर्च पाउडर डालने में निशा और शीला की भूमिका थी। वहीं, मृतक के भाई रामानंद के मौके पर पहुंचने पर विपक्षी पक्ष की ओर से फायरिंग किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। मोबाइल पर लगातार संपर्क का भी आरोप परिजनों का आरोप है कि वारदात के दौरान मौके पर मौजूद लोगों और बाहर मौजूद कथित साजिशकर्ताओं के बीच मोबाइल फोन के जरिए लगातार संपर्क था। आरोप है कि फोन पर एक-दूसरे को निर्देश दिए जा रहे थे। परिवार ने घटना के समय संदिग्ध लोगों की मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और वीडियो फुटेज की जांच कराने की मांग की है। सदमे के कारण तत्काल सामने नहीं आ सकी पूरी जानकारी मृतक के भाई का कहना है कि घटना के तत्काल बाद परिवार सदमे में था। इस कारण उस समय पूरे घटनाक्रम की जानकारी सामने नहीं आ सकी। बाद में वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली कथित जानकारी के आधार पर परिवार ने एसपी को प्रार्थना-पत्र दिया और विवेचना में इन तथ्यों को शामिल करने की मांग की। परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ प्रार्थना-पत्र में बताए गए सभी लोगों की भूमिका की जांच और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग की है।

