नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर अभिनेत्री जाह्नवी कपूर ने सोमवार को कहा कि फिल्म ‘‘देवरा: पार्ट 1’’ से जुड़े उनके वीडियो में एआई के जरिए बदलाव करना और और महिलाओं को वस्तु की तरह पेश किया जाना प्रौद्योगिकी का गंभीर उल्लंघन तथा उसका आपराधिक तरीके से दुरुपयोग है। उन्होंने कहा कि यह मामला इस बात पर भी बड़े विमर्श की आवश्यकता पर बल देता है कि महिलाओं को डिजिटल दुनिया में भी अपनी सुरक्षा को लेकर लगातार सतर्क रहने को विवश होना पड़ता है। जूनियर एनटीआर और जाह्नवी कपूर अभिनीत फिल्म ‘देवरा: पार्ट 1’ के गाने ‘चुट्टामल्ले’ के एआई से बनाए गए एक वीडियो में वास्तविक गाने से जाह्नवी कपूर के दृश्यों के साथ डिजिटल तरीके से छेड़छाड़ कर उन्हें आपत्तिजनक स्थिति में दिखाया गया था।
वीडियो को अब सोशल मीडिया मंचों से हटा दिया गया है। जूनियर एनटीआर, अभिनेत्री खुशबू सुंदर, विजय देवरकोंडा और चिरंजीवी ने भी प्रौद्योगिकी के दुरुपयोग की निंदा की है। अभिनेत्री ने सोमवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में कड़े शब्दों में कहा कि किसी महिला के शरीर के प्रति उसकी सहमति, पसंद और सम्मान आधारभूत बात होनी चाहिए।
उन्होंने लिखा, महिलाओं को वस्तु की तरह दिखाने और उनकी सहमति के बिना मनगढ़ंत विषय सामग्री फैलाने के लिए प्रौद्योगिकी का गलत इस्तेमाल करना एक गंभीर उल्लंघन है। यह लगभग यौन उत्पीड़न के बराबर है। मेरे उद्योग में लगभग हर महिला ने किसी न किसी रूप में इसका सामना किया है।
अब हर जगह महिलाएं इसकी शिकार हो रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘एक महिला किस चीज को लेकर सहज है, वह अपनी सीमा कहां तय करती है और अपने शरीर को लेकर क्या फैसला लेती है, यह पूरी तरह उसका अपना निर्णय है। यह पिछले कुछ दिनों में मेरे सामने आए एआई वीडियो या मेरे पूरे करियर के दौरान मैंने व्यक्तिगत रूप से जो कुछ भी अनुभव किया है, यह उससे कहीं बड़ा है।’’
उन्होंने कहा कि यह खतरा अब डिजिटल क्षेत्र तक भी पहुंच गया है जबकि महिलाओं को हर दिन जिन वास्तविक और शारीरिक खतरों का सामना करना पड़ता है, उनसे अभी तक ठीक से नहीं निपटा गया है।

