दमोह के नूरी नगर इलाके में शनिवार को गर्भवती गाय की हत्या के बाद जिला प्रशासन का बुलडोजर एक्शन लगातार जारी है। घटना के विरोध में हिंदूवादी संगठनों के किए गए उग्र प्रदर्शन के बाद कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर अवैध मीट दुकानों और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में रविवार रात पुलिस, नगर पालिका और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने शहर भर में अवैध रूप से संचालित मीट दुकानों को हटाने का अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान टीम जब किल्लाई नाका क्षेत्र में अतिक्रमण कर बनाई गई एक मीट दुकान को हटाने पहुंची, तो वहां हड़कंप मच गया। दुकानदार और घर की एक महिला अधिकारियों से हाथ जोड़कर रोते हुए मिन्नतें करती रही कि वे अपना अतिक्रमण खुद हटा लेंगे और उन्हें थोड़ा समय दिया जाए। हालांकि, अधिकारियों ने उनकी एक न सुनी और साफ कहा कि अवैध निर्माण को तुरंत ध्वस्त किया जाएगा। इसके बाद नगर पालिका अमले ने मौके पर ही अतिक्रमण को जमींदोज कर दिया। खाद्य विभाग की टीम ने किल्लाई नाका और आसपास के इलाकों में दुकानों की जांच की और संचालकों से लाइसेंस मांगे। जिन दुकानों के पास वैध लाइसेंस नहीं मिले, उन्हें तत्काल बंद करा दिया गया। चौकी प्रभारी सस्पेंड, हिंदू संगठनों की मांग पर त्वरित एक्शन शनिवार सुबह नूरी नगर में गौकशी की घटना सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने करीब 3 घंटे तक शहर बंद कराकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मांग की थी कि शहर में जहां भी अवैध मीट दुकानें चल रही हैं, उन्हें तुरंत बंद कराया जाए और पक्के अतिक्रमणों को बुलडोजर चलाकर गिराया जाए। प्रशासनिक आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ था, जिसके बाद से ही लगातार कार्रवाई जारी है। लापरवाही बरतने पर कसाई मंडी चौकी प्रभारी को शनिवार को ही निलंबित कर दिया गया था। पुलिस, प्रशासन और नगर पालिका की टीम कसाई मंडी और नूरी नगर में चिन्हित आरोपियों के अतिक्रमण हटाने में जुटी है। प्रशासन के इस सख्त रुख से अवैध कारोबार करने वालों और अतिक्रमणकारियों में हड़कंप का माहौल है। अधिकारियों का कहना है कि शहर में किसी भी सूरत में अवैध मीट व्यापार और अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

