समस्तीपुर शहर के काशीपुर मोहल्ले में पिछले कई दिनों से जलजमाव और उसके बाद फैली कीचड़-गंदगी से परेशान अधिवक्ताओं ने रविवार को जागरूकता मार्च निकाला। मार्च का नेतृत्व पूर्व लोक अभियोजक (पीपी) एवं वरीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार ने किया। जागरूकता मार्च गर्ल्स हाई स्कूल चौक से शुरू होकर पटेल मैदान चौक तक निकाला गया। मार्च के दौरान अधिवक्ताओं ने हाथों में विभिन्न स्लोगन लिखे बैनर और पोस्टर लेकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध जताया। बैनर पर लिखा था- “मैं हूं नगर निगम समस्तीपुर। मुझे नगर निगम का खजाना भरना है, इसलिए आप पर टैक्स बढ़ाया है। आपकी समस्याओं से मुझे कोई मतलब नहीं।” अधिवक्ताओं ने लोगों से जागरूक होने की अपील करते हुए कहा कि नगर निगम प्रशासन यदि जनता से टैक्स वसूलता है तो नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना भी उसकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोग टैक्स देने के साथ-साथ बेहतर सड़क, जलनिकासी, साफ-सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं की मांग करने के भी हकदार हैं। मार्च के दौरान अधिवक्ताओं ने लोगों से अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करने की अपील की। जरूरत पड़ी तो होगा धरना-प्रदर्शन मार्च के बाद वरीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार ने कहा कि पहले चरण में लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से निकाला गया मार्च है। लोगों को उनके अधिकारों और नगर निगम से मिलने वाली सुविधाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नगर निगम प्रशासन ने जलजमाव, गंदगी और कीचड़ की समस्या का समाधान नहीं किया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा। वरीय अधिवक्ता ने नगर निगम प्रशासन से कहा कि यदि जनता से टैक्स लिया जा रहा है तो उसके बदले आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना भी चाहिए। जलजमाव के बाद अब कीचड़ और गंदगी के कारण स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिवक्ताओं ने नगर निगम प्रशासन से तत्काल जलनिकासी, साफ-सफाई और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। समस्तीपुर शहर के काशीपुर मोहल्ले में पिछले कई दिनों से जलजमाव और उसके बाद फैली कीचड़-गंदगी से परेशान अधिवक्ताओं ने रविवार को जागरूकता मार्च निकाला। मार्च का नेतृत्व पूर्व लोक अभियोजक (पीपी) एवं वरीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार ने किया। जागरूकता मार्च गर्ल्स हाई स्कूल चौक से शुरू होकर पटेल मैदान चौक तक निकाला गया। मार्च के दौरान अधिवक्ताओं ने हाथों में विभिन्न स्लोगन लिखे बैनर और पोस्टर लेकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध जताया। बैनर पर लिखा था- “मैं हूं नगर निगम समस्तीपुर। मुझे नगर निगम का खजाना भरना है, इसलिए आप पर टैक्स बढ़ाया है। आपकी समस्याओं से मुझे कोई मतलब नहीं।” अधिवक्ताओं ने लोगों से जागरूक होने की अपील करते हुए कहा कि नगर निगम प्रशासन यदि जनता से टैक्स वसूलता है तो नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना भी उसकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोग टैक्स देने के साथ-साथ बेहतर सड़क, जलनिकासी, साफ-सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं की मांग करने के भी हकदार हैं। मार्च के दौरान अधिवक्ताओं ने लोगों से अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करने की अपील की। जरूरत पड़ी तो होगा धरना-प्रदर्शन मार्च के बाद वरीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार ने कहा कि पहले चरण में लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से निकाला गया मार्च है। लोगों को उनके अधिकारों और नगर निगम से मिलने वाली सुविधाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नगर निगम प्रशासन ने जलजमाव, गंदगी और कीचड़ की समस्या का समाधान नहीं किया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा। वरीय अधिवक्ता ने नगर निगम प्रशासन से कहा कि यदि जनता से टैक्स लिया जा रहा है तो उसके बदले आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना भी चाहिए। जलजमाव के बाद अब कीचड़ और गंदगी के कारण स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिवक्ताओं ने नगर निगम प्रशासन से तत्काल जलनिकासी, साफ-सफाई और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।

