Dmitry Medvedev: अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच रूस ने मध्यस्थता की पेशकश की है। रूस की सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने कहा है कि अगर अमेरिका और ईरान चाहें, तो मॉस्को दोनों देशों के बीच जारी तनाव को खत्म कराने के लिए मध्यस्थता करने को पूरी तरह तैयार है। ईरानी मीडिया से बातचीत के दौरान मेदवेदेव ने कहा कि मॉस्को तेहरान के साथ अपनी गहरी दोस्ती को कभी कुर्बान नहीं करेगा।
रूस और ईरान के रिश्ते ‘अभूतपूर्व स्तर’ पर
मेदवेदेव ने दोनों देशों के बीच गहराते रणनीतिक और आर्थिक संबंधों पर जोर देते हुए बताया कि रूस और ईरान के संबंध इतिहास के सबसे बेहतरीन और “अभूतपूर्व स्तर” पर पहुंच चुके हैं। पश्चिमी देशों की ओर से लगाए गए कड़े आर्थिक प्रतिबंधों के बावजूद, पिछले एक साल में दोनों देशों के बीच आपसी कारोबार में 20 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है।
डॉलर पर निर्भरता खत्म करने की तैयारी
रूस और ईरान पर पश्चिमी देशों के कड़े प्रतिबंध हैं। इस पर मेदवेदेव ने कहा कि अब हमें व्यापार के लिए पश्चिमी देशों के बैंकिंग सिस्टम से हटकर नए रास्ते खोजने होंगे। उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का उदाहरण देते हुए कहा कि SCO के सदस्य देश अब अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार कर रहे हैं, जो कुल व्यापार का लगभग 90 फीसदी है। रूस और ईरान भी इसी मॉडल को अपनाकर डॉलर पर अपनी निर्भरता खत्म करेंगे।
‘रश्त-अस्तारा रेलवे’ से सीधे जुड़ेगा भारत, रूस और यूरोप
बातचीत के दौरान ‘इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर’ प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया। मेदवेदेव ने बताया कि ईरान के रश्त शहर को अजरबैजान सीमा पर स्थित अस्तारा से जोड़ने वाली ‘रश्त-अस्तारा रेलवे लाइन’ पूरे क्षेत्र के व्यापार की तस्वीर बदल देगी। यह रेलवे लाइन यूरोप और रूस को अजरबैजान व ईरान के रास्ते खाड़ी देशों और भारत से सीधे जोड़ देगी।
बुशेहर के बाद एक और परमाणु संयंत्र लगाएगा रूस
ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाते हुए मेदवेदेव ने घोषणा की कि बुशेहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के सफ़ल संचालन के बाद, अब रूस की योजना ईरान में एक नया परमाणु ऊर्जा प्लांट स्थापित करने की है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दुनिया में तेल की सप्लाई के लिए सबसे जरूरी समुद्री रास्ते ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में ईरान की अहम भूमिका है।

