शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल रखने के लिए विद्युत विभाग पूरी तरह मिशन मोड में आ गया है। कलश स्थापन के साथ शुरू होने वाले इस नौ दिवसीय उत्सव के दौरान किसी भी इलाके में बिजली गुल न हो और शॉर्ट सर्किट जैसी कोई अनहोनी न घटे, इसे ध्यान में रखते हुए पावर सब-स्टेशनों के मेंटेनेंस से लेकर लाइनों की पेट्रोलिंग का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। आंधी-बारिश के समय पेड़ों की डालियों के टकराने से होने वाली ट्रिपिंग रोकने के लिए विशेष अभियान चलाकर बिजली के खंभों व हाईटेंशन लाइनों के पास टहनियों की छंटाई की जा रही है। पूजा पंडालों के आस-पास विशेष एहतियात बरतते हुए नंगे तारों को हटाकर प्लास्टिक कोटेड एबी केबल लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मरों की अर्थिंग को मजबूत किया जा रहा है और अत्यधिक भीड़-भाड़ वाले चौक-चौराहों पर बिजली पोलों को अतिरिक्त मजबूती देने के लिए गाइड वायर लगाए जा रहे हैं। दूरी और मानक वायरिंग का कड़ाई से हो पालन शहरी डिवीजन के कार्यपालक अभियंता विकास कुमार व ग्रामीण डिवीजन के कार्यपालक अभियंता रूपक कुमार ने बताया कि विभागीय टीमें लगातार पंडालों का स्थलीय मुआयना कर रही हैं। समितियों को सख्त हिदायत दी गई है कि पंडाल का ढांचा 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन व एलटी लाइन से कम से कम 4 फीट की सुरक्षित दूरी पर ही तैयार किया जाए। पंडालों में वायरिंग के लिए टेप चिपके, कटे-फटे या घटिया तारों के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। समितियों को सिर्फ उच्च गुणवत्ता वाले पीवीसी सर्विस वायर लगाने और ओवरलोडिंग से बचाव के लिए मेन बोर्ड पर मानक क्षमता की एमसीबी अनिवार्य रूप से लगाने का निर्देश दिया गया है। रोशनी के लिए अनिवार्य होगा अस्थायी कनेक्शन पंडालों और पहुंच मार्गों को सतरंगी लाइटों से सजाने के लिए सभी पूजा समितियों को विभाग से तीन दिनों का अस्थायी विद्युत कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध कनेक्शन के बिजली का उपभोग गैर-कानूनी माना जाएगा और पकड़े जाने पर कार्रवाई होगी। लोड के हिसाब से तय हुआ तीन दिवसीय शुल्क विभाग ने भार क्षमता के अनुसार तीन दिनों के अस्थायी कनेक्शन की दरें जारी कर दी हैं। इसके तहत एक किलोवाट लोड के लिए 2,049 रुपये, दो किलोवाट के लिए 2,990 रुपये और तीन किलोवाट के लिए 4,004 रुपये का शुल्क देय होगा। वहीं चार किलोवाट पर 5,018 रुपये, पांच किलोवाट पर 7,507 रुपये तथा दस किलोवाट के लोड के लिए 12,576 रुपये निर्धारित किए गए हैं। परिस्थितियों के अनुसार इन दरों में बदलाव भी संभव है। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल रखने के लिए विद्युत विभाग पूरी तरह मिशन मोड में आ गया है। कलश स्थापन के साथ शुरू होने वाले इस नौ दिवसीय उत्सव के दौरान किसी भी इलाके में बिजली गुल न हो और शॉर्ट सर्किट जैसी कोई अनहोनी न घटे, इसे ध्यान में रखते हुए पावर सब-स्टेशनों के मेंटेनेंस से लेकर लाइनों की पेट्रोलिंग का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। आंधी-बारिश के समय पेड़ों की डालियों के टकराने से होने वाली ट्रिपिंग रोकने के लिए विशेष अभियान चलाकर बिजली के खंभों व हाईटेंशन लाइनों के पास टहनियों की छंटाई की जा रही है। पूजा पंडालों के आस-पास विशेष एहतियात बरतते हुए नंगे तारों को हटाकर प्लास्टिक कोटेड एबी केबल लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मरों की अर्थिंग को मजबूत किया जा रहा है और अत्यधिक भीड़-भाड़ वाले चौक-चौराहों पर बिजली पोलों को अतिरिक्त मजबूती देने के लिए गाइड वायर लगाए जा रहे हैं। दूरी और मानक वायरिंग का कड़ाई से हो पालन शहरी डिवीजन के कार्यपालक अभियंता विकास कुमार व ग्रामीण डिवीजन के कार्यपालक अभियंता रूपक कुमार ने बताया कि विभागीय टीमें लगातार पंडालों का स्थलीय मुआयना कर रही हैं। समितियों को सख्त हिदायत दी गई है कि पंडाल का ढांचा 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन व एलटी लाइन से कम से कम 4 फीट की सुरक्षित दूरी पर ही तैयार किया जाए। पंडालों में वायरिंग के लिए टेप चिपके, कटे-फटे या घटिया तारों के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। समितियों को सिर्फ उच्च गुणवत्ता वाले पीवीसी सर्विस वायर लगाने और ओवरलोडिंग से बचाव के लिए मेन बोर्ड पर मानक क्षमता की एमसीबी अनिवार्य रूप से लगाने का निर्देश दिया गया है। रोशनी के लिए अनिवार्य होगा अस्थायी कनेक्शन पंडालों और पहुंच मार्गों को सतरंगी लाइटों से सजाने के लिए सभी पूजा समितियों को विभाग से तीन दिनों का अस्थायी विद्युत कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध कनेक्शन के बिजली का उपभोग गैर-कानूनी माना जाएगा और पकड़े जाने पर कार्रवाई होगी। लोड के हिसाब से तय हुआ तीन दिवसीय शुल्क विभाग ने भार क्षमता के अनुसार तीन दिनों के अस्थायी कनेक्शन की दरें जारी कर दी हैं। इसके तहत एक किलोवाट लोड के लिए 2,049 रुपये, दो किलोवाट के लिए 2,990 रुपये और तीन किलोवाट के लिए 4,004 रुपये का शुल्क देय होगा। वहीं चार किलोवाट पर 5,018 रुपये, पांच किलोवाट पर 7,507 रुपये तथा दस किलोवाट के लोड के लिए 12,576 रुपये निर्धारित किए गए हैं। परिस्थितियों के अनुसार इन दरों में बदलाव भी संभव है।

