162 साल का हुआ आपका, हमारा गया जिला:स्थापना दिवस पर 28 लाख श्रद्धालुओं का जिक्र, अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की जमीन पर भी बात

162 साल का हुआ आपका, हमारा गया जिला:स्थापना दिवस पर 28 लाख श्रद्धालुओं का जिक्र, अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की जमीन पर भी बात

गया जिले ने शनिवार को अपना 162वां स्थापना दिवस मनाया। गांधी मैदान स्थित टेंट सिटी में मुख्य समारोह हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, अफसर और बड़ी संख्या में शहरवासी शामिल हुए। कार्यक्रम की खासियत रही कि इस मौके पर162 मोमबत्तियां जलाकर समारोह की शुरुआत हुई। इसके बाद केक काटा गया। मंच से गया की विरासत, पितृपक्ष मेला और विकास को लेकर बातें हुईं। इस दौरान जिले के विकास के साथ अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का मुद्दा भी सामने आया। मांझी बोले- गया के विकास को मिलेगी और गति केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि गया लगातार विकास की ओर बढ़ रहा है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से जिले में काम हो रहे हैं। आने वाले समय में विकास को और गति मिलने की बात उन्होंने कही। मांझी ने पितृपक्ष मेले की व्यवस्थाओं का भी जिक्र किया। कहा कि देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गया पहुंच रहे हैं। बेहतर व्यवस्था से गया और बिहार की पहचान मजबूत हो रही है। मांझी ने गया के विकास से जुड़ी केंद्र की योजनाओं का भी जिक्र किया। बोधगया में केंद्रीय विद्यालय और स्वच्छता अभियान जैसे कामों की बात कही। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग का भी उल्लेख किया। जितिया के दिन जन्म, इसलिए पड़ा जीतन नाम मांझी ने गया स्थापना दिवस और जितिया पर्व के एक दिन होने को भी खास बताया। उन्होंने कहा कि जितिया के दिन जन्म होने के कारण ही उनका नाम जीतन पड़ा। इस मौके पर उन्होंने गया और बिहार के लोगों को शुभकामनाएं भी दीं। स्टेडियम की 50 एकड़ जमीन का मामला उठा समारोह में गया के अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का मुद्दा भी सामने आया। मांझी ने बताया कि इसके लिए करीब 50 एकड़ जमीन की तलाश चल रही है। भुसुंडा में प्रस्तावित स्टेडियम की जमीन पर अतिक्रमण हटाने का मामला भी मुख्यमंत्री के सामने रखने की बात उन्होंने कही। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस दिशा में जल्द काम पूरा होगा।यानी स्थापना दिवस के मंच से एक तरफ गया की पुरानी विरासत की बात हुई, तो दूसरी तरफ खेल के लिए बड़े प्रोजेक्ट का मुद्दा भी उठा। 28 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे : डीएम डीएम शशांक शुभंकर ने बताया कि पितृपक्ष के दौरान अब तक 28 लाख से अधिक श्रद्धालु गया पहुंच चुके हैं। श्रद्धालु तर्पण और पिंडदान के लिए अलग-अलग वेदियों पर पहुंच रहे हैं। डीएम ने कहा कि इतनी बड़ी भीड़ के बीच व्यवस्था संभालने में जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और स्वयंसेवी संस्थाएं जुटी हैं। मुख्यमंत्री भी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर चुके हैं। उन्होंने गया के स्थापना दिवस पर जिलेवासियों को शुभकामनाएं दीं। साथ ही साफ-सफाई और स्वच्छता में आम लोगों की भागीदारी की अपील की। प्रेम कुमार बोले- गया सिर्फ जिला नहीं, पहचान है बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि गया सिर्फ एक जिला नहीं है। यह देश की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक चेतना का बड़ा केंद्र है। पेंट द सिटी के बच्चों को सम्मान स्थापना दिवस पर पितृपक्ष मेला के दौरान हुए ‘पेंट द सिटी’ कार्यक्रम में शामिल बच्चों को भी सम्मानित किया गया। बच्चों ने गया की प्रमुख पिंडवेदियों और पिंडदान की परंपरा को दीवारों पर चित्रों के जरिए उकेरा था। समारोह में उनके काम को सराहा गया। अंत में गया की विरासत को बचाने और विकास को गति देने का संकल्प लिया गया। गया जिले ने शनिवार को अपना 162वां स्थापना दिवस मनाया। गांधी मैदान स्थित टेंट सिटी में मुख्य समारोह हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, अफसर और बड़ी संख्या में शहरवासी शामिल हुए। कार्यक्रम की खासियत रही कि इस मौके पर162 मोमबत्तियां जलाकर समारोह की शुरुआत हुई। इसके बाद केक काटा गया। मंच से गया की विरासत, पितृपक्ष मेला और विकास को लेकर बातें हुईं। इस दौरान जिले के विकास के साथ अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का मुद्दा भी सामने आया। मांझी बोले- गया के विकास को मिलेगी और गति केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि गया लगातार विकास की ओर बढ़ रहा है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से जिले में काम हो रहे हैं। आने वाले समय में विकास को और गति मिलने की बात उन्होंने कही। मांझी ने पितृपक्ष मेले की व्यवस्थाओं का भी जिक्र किया। कहा कि देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गया पहुंच रहे हैं। बेहतर व्यवस्था से गया और बिहार की पहचान मजबूत हो रही है। मांझी ने गया के विकास से जुड़ी केंद्र की योजनाओं का भी जिक्र किया। बोधगया में केंद्रीय विद्यालय और स्वच्छता अभियान जैसे कामों की बात कही। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग का भी उल्लेख किया। जितिया के दिन जन्म, इसलिए पड़ा जीतन नाम मांझी ने गया स्थापना दिवस और जितिया पर्व के एक दिन होने को भी खास बताया। उन्होंने कहा कि जितिया के दिन जन्म होने के कारण ही उनका नाम जीतन पड़ा। इस मौके पर उन्होंने गया और बिहार के लोगों को शुभकामनाएं भी दीं। स्टेडियम की 50 एकड़ जमीन का मामला उठा समारोह में गया के अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का मुद्दा भी सामने आया। मांझी ने बताया कि इसके लिए करीब 50 एकड़ जमीन की तलाश चल रही है। भुसुंडा में प्रस्तावित स्टेडियम की जमीन पर अतिक्रमण हटाने का मामला भी मुख्यमंत्री के सामने रखने की बात उन्होंने कही। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस दिशा में जल्द काम पूरा होगा।यानी स्थापना दिवस के मंच से एक तरफ गया की पुरानी विरासत की बात हुई, तो दूसरी तरफ खेल के लिए बड़े प्रोजेक्ट का मुद्दा भी उठा। 28 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे : डीएम डीएम शशांक शुभंकर ने बताया कि पितृपक्ष के दौरान अब तक 28 लाख से अधिक श्रद्धालु गया पहुंच चुके हैं। श्रद्धालु तर्पण और पिंडदान के लिए अलग-अलग वेदियों पर पहुंच रहे हैं। डीएम ने कहा कि इतनी बड़ी भीड़ के बीच व्यवस्था संभालने में जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और स्वयंसेवी संस्थाएं जुटी हैं। मुख्यमंत्री भी व्यवस्थाओं की समीक्षा कर चुके हैं। उन्होंने गया के स्थापना दिवस पर जिलेवासियों को शुभकामनाएं दीं। साथ ही साफ-सफाई और स्वच्छता में आम लोगों की भागीदारी की अपील की। प्रेम कुमार बोले- गया सिर्फ जिला नहीं, पहचान है बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि गया सिर्फ एक जिला नहीं है। यह देश की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक चेतना का बड़ा केंद्र है। पेंट द सिटी के बच्चों को सम्मान स्थापना दिवस पर पितृपक्ष मेला के दौरान हुए ‘पेंट द सिटी’ कार्यक्रम में शामिल बच्चों को भी सम्मानित किया गया। बच्चों ने गया की प्रमुख पिंडवेदियों और पिंडदान की परंपरा को दीवारों पर चित्रों के जरिए उकेरा था। समारोह में उनके काम को सराहा गया। अंत में गया की विरासत को बचाने और विकास को गति देने का संकल्प लिया गया।  

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