बूंदी जिले के कई गांवों में शाम ढलते ही आमरास्ते अंधेरे में डूब जाते हैं। बाजार से घर लौटती महिलाएं, काम से लौटते ग्रामीण, अस्पताल जाने वाले मरीज और बच्चे अंधेरी सड़कों से गुजरते हैं। कहीं सड़क किनारे गड्ढा दिखाई नहीं देता तो कहीं मवेशी और सुनसान रास्ते परेशानी बढ़ाते हैं। अब गांवों में यह तस्वीर बदलने की तैयारी है। जिले की 235 ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट और रोड लाइटें लगेंगी। ग्रामीण विकास व पंचायतीराज विभाग ने इसके लिए चरणबद्ध कार्ययोजना बनाई है। इसमें प्राथमिकता भी तय की गई है। सबसे पहले एससी-एसटी बस्तियों और कच्ची व कमजोर बस्तियों को रोशन किया जाएगा। इसके बाद ग्राम पंचायत मुख्यालय और अधिक आबादी वाले गांवों में मुख्य मार्ग, बाजार, बस स्टैंड, पंचायत भवन, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य केंद्रों को लाइटों से कवर किया जाएगा। जहां डिस्कॉम के पोल हैं, वहां सड़क की चौड़ाई के हिसाब से एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। दूर ढाणियों और उन जगहों पर जहां बिजली के पोल नहीं हैं या बिजली आपूर्ति की समस्या है, वहां सोलर स्ट्रीट लाइटें लगेंगी। इससे बिजली लाइन की सुविधा नहीं होने वाले इलाकों को भी जोड़ा जा सकेगा। इस कार्य के लिए षष्ठम/सप्तम राज्य वित्त आयोग से मिलने वाली मूलभूत व विकास कार्यों की 55 प्रतिशत राशि और राष्ट्रीय व राज्य प्राथमिकता योजनाओं की 40 प्रतिशत राशि का उपयोग किया जा सकेगा। जिन पंचायतों के जीपीडीपी में यह काम शामिल नहीं है, वे इसे सप्लीमेंट्री प्लान में शामिल कर स्वीकृति जारी कर सकेंगी। जिला परिषद सीईओ चारु शंकर ने बताया कि ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए पंचायतवार आवश्यकता और प्राथमिकता के आधार पर काम कराया जाएगा। एससी-एसटी व कच्ची बस्तियों, सार्वजनिक स्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी। पंचायतों को अनुरूप प्रस्ताव और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर काम आगे बढ़ाने के लिए कहा जाएगा। जिले की 8 पंचायत समितियों की कुल 235 ग्राम पंचायतें योजना में शामिल हैं। इनमें बूंदी पंचायत समिति की 24, तालेड़ा की 40, नैनवां की 39, केशवरायपाटन की 26, खटकड़ की 23, लाखेरी की 28, हिंडौली की 29 और दबलाना की 26 ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट और रोड लाइटें लगेंगी। इन पंचायतों में जरूरत के अनुसार एलईडी और सोलर लाइटें लगाने का प्रावधान किया गया है। इस कार्य में पारदर्शिता के लिए प्रशासनिक, तकनीकी व वित्तीय स्वीकृतियां व भुगतान ई-पंचायत पोर्टल के माध्यम से होंगे। लाइट लगने के बाद उनकी फोटो और जियो-टैगिंग अपलोड करना अनिवार्य होगा।

