जिले में ग्रामीण अंचल की गर्भवती महिलाओं और बीमार नवजात शिशुओं को अस्पताल पहुंचाने वाली 104 जननी एक्सप्रेस की संख्या में भारी कमी आई है। पूर्व में संचालित निजी फर्म का टेंडर पूरा होने के बाद से गाड़ियों की संख्या 13 से घटकर केवल 5 पर सिमट गई है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने आरएमआरएस बजट के जरिए वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए सेवाओं को सुचारू रखने का दावा किया है। जिले में छह महीने पहले तक निजी फर्म के माध्यम से 13 जननी एक्सप्रेस संचालित हो रही थी। टेंडर अवधि समाप्त होने के बाद अब स्थानीय स्तर पर पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों द्वारा आरएमआरएस बजट से 5 जननी एक्सप्रेस का संचालन किया जा रहा है। वर्तमान में ये गाड़ियां भाडखा, मीठड़ाऊ, भियाड़, साता और रामसर क्षेत्रों में सेवाएं दे रही हैं। सीएमएचओ डॉ. विष्णुराम विश्नोई ने बताया कि जयपुर स्तर पर नया टेंडर प्रक्रियाधीन है, और जल्द ही जिले को और नई जननी एक्सप्रेस गाड़ियां मिलने की उम्मीद है। ममता एक्सप्रेस और 108 एंबुलेंस संभाल रही मोर्चा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त रखने के लिए अन्य एंबुलेंस सेवाएं भी कार्यरत हैं। जिले में 108 एंबुलेंस की 25 गाड़ियां संचालित हैं, जो सड़क हादसों में घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाने के साथ ही गर्भवती महिलाओं व बच्चों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। वहीं 9 ममता एक्सप्रेस सेवाएं मौजूद हैं। ये दोपहर 2 बजे तक स्वास्थ्य विभाग के शिविरों में कार्य करती हैं और उसके बाद गर्भवती महिलाओं व बच्चों को अस्पताल तक लाने-ले जाने में मदद करती हैं। नई व्यवस्था के तहत 104 जननी एम्बुलेंस सेवा में पारदर्शिता और जवाबदेही को कड़ा किया गया है। संचालित गाड़ियों पर जीपीएस लगाए गए हैं, जिनका एक्सेस सीएमएचओ और संबंधित बीसीएमओ के पास रहेगा। जिले में 5 जननी एक्सप्रेस आरएमआरएस फंड से संचालित हैं। जयपुर स्तर पर टेंडर प्रक्रिया में है और जल्द ही नई गाड़ियां मिलेगी। 108 की 25 और 9 ममता एक्सप्रेस पर्याप्त मात्रा में पूरे जिले को कवर कर रही हैं। – डॉ. विष्णुराम विश्नोई, सीएमएचओ, बाड़मेर।

