सीवान शहर के गोपालगंज मोड़ पर शनिवार को इंकलाबी नौजवान सभा (RYA) के नेतृत्व में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने SIR प्रक्रिया को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन कर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए मजदूर यूनियन सह RYA नेता अमित कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी निष्पक्ष चुनाव कराने और प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा करने की है। ”असर नागरिकों के संवैधानिक मताधिकार पर” उन्होंने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया के कारण मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाए जाने की स्थिति बनी है, जिससे मताधिकार प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने SIR को रद्द करने और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। RYA जिला उपाध्यक्ष विशाल यादव ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटने का सीधा असर नागरिकों के संवैधानिक मताधिकार पर पड़ सकता है। उन्होंने SIR प्रक्रिया की समीक्षा कर इसे रद्द करने की मांग की। मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा दो जैसे नारे वहीं, इंकलाबी नौजवान सभा के प्रखंड अध्यक्ष सोनू कुशवाहा ने कहा कि वोट देने का अधिकार लंबे संघर्षों के बाद हासिल हुआ है। किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटना गंभीर विषय है। सदर प्रखंड सचिव नीरज कुशवाहा ने कहा कि चुनाव आयोग को मतदाता सूची तैयार करने और संशोधन की प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा निष्पक्षता सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने SIR प्रक्रिया को रद्द करने की मांग दोहराई। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘SIR रद्द करो’, ‘मतदाता अधिकारों की रक्षा करो’ और ‘मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा दो’ जैसे नारे लगाए। चुनाव आयोग की ओर से SIR को मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन करने की प्रक्रिया बताया गया है तथा पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करने के लिए दावा-आपत्ति और अन्य प्रक्रियाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सीवान शहर के गोपालगंज मोड़ पर शनिवार को इंकलाबी नौजवान सभा (RYA) के नेतृत्व में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने SIR प्रक्रिया को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन कर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए मजदूर यूनियन सह RYA नेता अमित कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी निष्पक्ष चुनाव कराने और प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा करने की है। ”असर नागरिकों के संवैधानिक मताधिकार पर” उन्होंने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया के कारण मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाए जाने की स्थिति बनी है, जिससे मताधिकार प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने SIR को रद्द करने और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। RYA जिला उपाध्यक्ष विशाल यादव ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटने का सीधा असर नागरिकों के संवैधानिक मताधिकार पर पड़ सकता है। उन्होंने SIR प्रक्रिया की समीक्षा कर इसे रद्द करने की मांग की। मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा दो जैसे नारे वहीं, इंकलाबी नौजवान सभा के प्रखंड अध्यक्ष सोनू कुशवाहा ने कहा कि वोट देने का अधिकार लंबे संघर्षों के बाद हासिल हुआ है। किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटना गंभीर विषय है। सदर प्रखंड सचिव नीरज कुशवाहा ने कहा कि चुनाव आयोग को मतदाता सूची तैयार करने और संशोधन की प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा निष्पक्षता सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने SIR प्रक्रिया को रद्द करने की मांग दोहराई। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘SIR रद्द करो’, ‘मतदाता अधिकारों की रक्षा करो’ और ‘मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा दो’ जैसे नारे लगाए। चुनाव आयोग की ओर से SIR को मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन करने की प्रक्रिया बताया गया है तथा पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करने के लिए दावा-आपत्ति और अन्य प्रक्रियाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

