मां सती कुंवारी के दरबार पहुंचे भोजपुरी सिंगर राकेश मिश्रा:माता मनोरमा देवी का लिया आशीर्वाद, बोले- पवन सिंह से इलाके में बाढ़-कटाव की समस्या पर बात करूंगा

मां सती कुंवारी के दरबार पहुंचे भोजपुरी सिंगर राकेश मिश्रा:माता मनोरमा देवी का लिया आशीर्वाद, बोले- पवन सिंह से इलाके में बाढ़-कटाव की समस्या पर बात करूंगा

भोजपुरी सिंगर और एक्टर राकेश मिश्रा शनिवार को भोजपुर के बड़हरा प्रखंड स्थित मां सती कुंवारी के दरबार पहुंचे। उनके साथ हिंदू पुत्र संगठन के नगेश सम्राट समेत अन्य लोग मौजूद थे। राकेश मिश्रा ने मां सती कुंवारी के दरबार में पहुंचकर श्रीश्री 1008 माता मनोरमा देवी को दंडवत प्रणाम किया और आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने नवनिर्मित मंदिर का निरीक्षण किया और मंदिर निर्माण में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इस दौरान उन्होंने मां के दरबार में अपनी आवाज में गीत भी गाया। उन्होंने भोजपुरी अंदाज में गाना गाया- माई बाघावा आइल बा तोर, अब ना चली ना केहुके जोर… कौनो नेता ना कौनों अभिनेता हई… तू त माई हऊ हमार, हम तोहार बेटा हई। राकेश मिश्रा ने कहा कि इस क्षेत्र से उनका पुराना और भावनात्मक जुड़ाव रहा है। उन्होंने बताया कि बचपन में वह इसी घाट पर नहाने आया करते थे। उस समय माता मनोरमा देवी जीवित थीं। राकेश के अनुसार, बचपन में माता मनोरमा देवी ने उन्हें एक रुद्राक्ष दिया था और कहा था कि इसे हमेशा अपने पास रखना, इससे उनका कल्याण होगा। उन्होंने कहा कि आज ग्रामीणों के सहयोग से मां का मंदिर बनाया जा रहा है, जिसे देखकर उन्हें काफी खुशी हो रही है। कई साल से बाढ़, लेकिन मंदिर तक नहीं पहुंची गंगा राकेश मिश्रा ने कहा कि इस इलाके में कई वर्षों से भीषण बाढ़ आती है। बाढ़ के दौरान आसपास के गांवों में पानी फैल जाता है, लेकिन मां सती कुँवारी के मंदिर तक गंगा का पानी नहीं पहुंच पाता। उन्होंने इसे दुर्लभ और आस्था से जुड़ी बात बताते हुए कहा कि इस स्थान से उनका पुराना संबंध है। उन्होंने कहा कि मंदिर और गांव के लोगों के साथ उनका जुड़ाव केवल आज का नहीं, बल्कि बचपन से है। उन्होंने इलाके की सबसे बड़ी समस्या के तौर पर हर साल आने वाली बाढ़ और गंगा के कटाव का मुद्दा उठाया। राकेश मिश्रा ने कहा कि बाढ़ के कारण हर वर्ष अलग-अलग गांवों में कटाव होता है। इससे किसानों की जमीन और लोगों के मकान गंगा में समाते जा रहे हैं। उनके अनुसार, बाढ़ आने के समय नेता, कलाकार और समाजसेवी पीड़ितों की मदद के लिए पहुंचते हैं, लेकिन बाढ़ का पानी उतरने के बाद स्थायी समाधान की दिशा में पर्याप्त पहल नहीं हो पाती। बोले- बाढ़ के बाद स्थायी समाधान पर हो बात राकेश मिश्रा ने कहा कि केवल बाढ़ के समय राहत सामग्री पहुंचाना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। जरूरत इस बात की है कि बाढ़ खत्म होने के बाद भी इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया जाए। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को मिलकर बिहार के मुख्यमंत्री से मुलाकात करनी चाहिए और बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर साल बाढ़ और कटाव से बड़ी संख्या में लोग प्रभावित होते हैं। खेत और घर गंगा में विलीन होने से लोगों के सामने रहने और रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाता है। ऐसे में सरकार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए दीर्घकालिक योजना बनाकर काम करना चाहिए, ताकि हर साल लोगों को विस्थापन और नुकसान का सामना नहीं करना पड़े। पवन सिंह से भी करेंगे इलाके की समस्या पर बात राकेश मिश्रा ने कहा कि इसी क्षेत्र के रहने वाले भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह भी मां सती कुँवारी के प्रति आस्था रखते हैं। उन्होंने कहा कि पवन सिंह जब भी गांव आते हैं, मां के दरबार में पहुंचकर माथा टेकते हैं। राकेश मिश्रा ने कहा कि वह पवन सिंह से भी मुलाकात कर इस इलाके की सबसे बड़ी समस्या बाढ़ और कटाव के स्थायी समाधान को लेकर बातचीत करेंगे। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों की मदद को लेकर अपनी टीम के काम का भी जिक्र किया। राकेश मिश्रा ने कहा कि उनकी टीम केवल फोटो खिंचवाने या दिखावे के लिए राहत कार्य नहीं करती, बल्कि जरूरतमंद लोगों तक जमीन पर जाकर मदद पहुंचाने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों की परेशानी को वह लगातार महसूस करते रहे हैं और जरूरत पड़ने पर उनके साथ खड़े रहेंगे। राकेश मिश्रा ने कहा कि बाढ़ और कटाव का मुद्दा किसी एक गांव या व्यक्ति का नहीं है। यह पूरे इलाके के हजारों परिवारों की जिंदगी और उनकी जमीन से जुड़ा सवाल है। इसलिए सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों को मिलकर सरकार के सामने इस समस्या को मजबूती से रखना चाहिए, ताकि हर साल राहत के बजाय स्थायी समाधान की दिशा में काम हो सके। भोजपुरी सिंगर और एक्टर राकेश मिश्रा शनिवार को भोजपुर के बड़हरा प्रखंड स्थित मां सती कुंवारी के दरबार पहुंचे। उनके साथ हिंदू पुत्र संगठन के नगेश सम्राट समेत अन्य लोग मौजूद थे। राकेश मिश्रा ने मां सती कुंवारी के दरबार में पहुंचकर श्रीश्री 1008 माता मनोरमा देवी को दंडवत प्रणाम किया और आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने नवनिर्मित मंदिर का निरीक्षण किया और मंदिर निर्माण में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इस दौरान उन्होंने मां के दरबार में अपनी आवाज में गीत भी गाया। उन्होंने भोजपुरी अंदाज में गाना गाया- माई बाघावा आइल बा तोर, अब ना चली ना केहुके जोर… कौनो नेता ना कौनों अभिनेता हई… तू त माई हऊ हमार, हम तोहार बेटा हई। राकेश मिश्रा ने कहा कि इस क्षेत्र से उनका पुराना और भावनात्मक जुड़ाव रहा है। उन्होंने बताया कि बचपन में वह इसी घाट पर नहाने आया करते थे। उस समय माता मनोरमा देवी जीवित थीं। राकेश के अनुसार, बचपन में माता मनोरमा देवी ने उन्हें एक रुद्राक्ष दिया था और कहा था कि इसे हमेशा अपने पास रखना, इससे उनका कल्याण होगा। उन्होंने कहा कि आज ग्रामीणों के सहयोग से मां का मंदिर बनाया जा रहा है, जिसे देखकर उन्हें काफी खुशी हो रही है। कई साल से बाढ़, लेकिन मंदिर तक नहीं पहुंची गंगा राकेश मिश्रा ने कहा कि इस इलाके में कई वर्षों से भीषण बाढ़ आती है। बाढ़ के दौरान आसपास के गांवों में पानी फैल जाता है, लेकिन मां सती कुँवारी के मंदिर तक गंगा का पानी नहीं पहुंच पाता। उन्होंने इसे दुर्लभ और आस्था से जुड़ी बात बताते हुए कहा कि इस स्थान से उनका पुराना संबंध है। उन्होंने कहा कि मंदिर और गांव के लोगों के साथ उनका जुड़ाव केवल आज का नहीं, बल्कि बचपन से है। उन्होंने इलाके की सबसे बड़ी समस्या के तौर पर हर साल आने वाली बाढ़ और गंगा के कटाव का मुद्दा उठाया। राकेश मिश्रा ने कहा कि बाढ़ के कारण हर वर्ष अलग-अलग गांवों में कटाव होता है। इससे किसानों की जमीन और लोगों के मकान गंगा में समाते जा रहे हैं। उनके अनुसार, बाढ़ आने के समय नेता, कलाकार और समाजसेवी पीड़ितों की मदद के लिए पहुंचते हैं, लेकिन बाढ़ का पानी उतरने के बाद स्थायी समाधान की दिशा में पर्याप्त पहल नहीं हो पाती। बोले- बाढ़ के बाद स्थायी समाधान पर हो बात राकेश मिश्रा ने कहा कि केवल बाढ़ के समय राहत सामग्री पहुंचाना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। जरूरत इस बात की है कि बाढ़ खत्म होने के बाद भी इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया जाए। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को मिलकर बिहार के मुख्यमंत्री से मुलाकात करनी चाहिए और बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर साल बाढ़ और कटाव से बड़ी संख्या में लोग प्रभावित होते हैं। खेत और घर गंगा में विलीन होने से लोगों के सामने रहने और रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाता है। ऐसे में सरकार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए दीर्घकालिक योजना बनाकर काम करना चाहिए, ताकि हर साल लोगों को विस्थापन और नुकसान का सामना नहीं करना पड़े। पवन सिंह से भी करेंगे इलाके की समस्या पर बात राकेश मिश्रा ने कहा कि इसी क्षेत्र के रहने वाले भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह भी मां सती कुँवारी के प्रति आस्था रखते हैं। उन्होंने कहा कि पवन सिंह जब भी गांव आते हैं, मां के दरबार में पहुंचकर माथा टेकते हैं। राकेश मिश्रा ने कहा कि वह पवन सिंह से भी मुलाकात कर इस इलाके की सबसे बड़ी समस्या बाढ़ और कटाव के स्थायी समाधान को लेकर बातचीत करेंगे। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों की मदद को लेकर अपनी टीम के काम का भी जिक्र किया। राकेश मिश्रा ने कहा कि उनकी टीम केवल फोटो खिंचवाने या दिखावे के लिए राहत कार्य नहीं करती, बल्कि जरूरतमंद लोगों तक जमीन पर जाकर मदद पहुंचाने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों की परेशानी को वह लगातार महसूस करते रहे हैं और जरूरत पड़ने पर उनके साथ खड़े रहेंगे। राकेश मिश्रा ने कहा कि बाढ़ और कटाव का मुद्दा किसी एक गांव या व्यक्ति का नहीं है। यह पूरे इलाके के हजारों परिवारों की जिंदगी और उनकी जमीन से जुड़ा सवाल है। इसलिए सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों को मिलकर सरकार के सामने इस समस्या को मजबूती से रखना चाहिए, ताकि हर साल राहत के बजाय स्थायी समाधान की दिशा में काम हो सके।  

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