शेखपुरा-लोन दिलाने के नाम पर साइबर ठगी:नाबालिग समेत 4 अरेस्ट; 4 मोबाइल और लग्जरी कार बरामद

शेखपुरा-लोन दिलाने के नाम पर साइबर ठगी:नाबालिग समेत 4 अरेस्ट; 4 मोबाइल और लग्जरी कार बरामद

शेखपुरा में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में शेखोपुरसराय थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने लोन दिलाने के नाम पर लोगों से दस्तावेज और पैसे ठगने वाले गिरोह के एक नाबालिग समेत चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन और एक टाटा टियागो कार बरामद की गई है। मोबाइल की जांच में पुलिस को व्हाट्सऐप चैट, वॉयस चैट, क्यूआर कोड और बैंक खातों से जुड़ी जानकारी मिली है। वाहन चेकिंग में संदिग्ध गतिविधि से खुला मामला पुलिस ने शेखोपुरसराय थाना गेट के पास बरबीघा-वारिसलीगंज मुख्य सड़क पर वाहन जांच के दौरान शेखपुरा की ओर से आ रही टाटा टियागो कार को रोका। कार में चार लोग सवार थे। पूछताछ के दौरान उनके व्यवहार पर पुलिस को संदेह हुआ, जिसके बाद कार और उसमें सवार लोगों की तलाशी ली गई। मोबाइल में मिले साइबर ठगी के डिजिटल सबूत तलाशी के दौरान चार मोबाइल फोन बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, मोबाइल की जांच में कई व्हाट्सऐप चैट, वॉयस चैट, क्यूआर कोड और बैंक खातों से संबंधित जानकारी मिली। पुलिस इन्हें साइबर ठगी से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मानकर जांच कर रही है। लोन के नाम पर दस्तावेज जुटाकर ठगी का आरोप पुलिस के मुताबिक, आरोपी लोगों को लोन दिलाने का झांसा देते थे। इसके लिए उनसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक अकाउंट की जानकारी और फोटो लिए जाते थे। इसके बाद प्रोसेसिंग शुल्क और जीएसटी के नाम पर क्यूआर कोड के जरिए रकम मंगाई जाती थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तरीके से कितने लोगों को निशाना बनाया गया। नालंदा और शेखपुरा के आरोपी गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों में नालंदा जिले के श्यामलाल कुमार और तुलसी कुमार, शेखपुरा के प्रिंस कुमार के अलावा एक नाबालिग शामिल है। पुलिस ने इनके पास से मिले मोबाइल और अन्य डिजिटल जानकारी के आधार पर साइबर ठगी के नेटवर्क की जांच तेज कर दी है। मोबाइल और बैंक डिटेल से खुलेगा नेटवर्क का राज पुलिस बरामद मोबाइल में मिले चैट, क्यूआर कोड और बैंक खातों की जानकारी खंगाल रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गिरोह से और कितने लोग जुड़े हैं और ठगी की रकम किन खातों में भेजी जाती थी। कार्रवाई के बाद सभी आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे भेज दिया गया है। शेखपुरा में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में शेखोपुरसराय थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने लोन दिलाने के नाम पर लोगों से दस्तावेज और पैसे ठगने वाले गिरोह के एक नाबालिग समेत चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन और एक टाटा टियागो कार बरामद की गई है। मोबाइल की जांच में पुलिस को व्हाट्सऐप चैट, वॉयस चैट, क्यूआर कोड और बैंक खातों से जुड़ी जानकारी मिली है। वाहन चेकिंग में संदिग्ध गतिविधि से खुला मामला पुलिस ने शेखोपुरसराय थाना गेट के पास बरबीघा-वारिसलीगंज मुख्य सड़क पर वाहन जांच के दौरान शेखपुरा की ओर से आ रही टाटा टियागो कार को रोका। कार में चार लोग सवार थे। पूछताछ के दौरान उनके व्यवहार पर पुलिस को संदेह हुआ, जिसके बाद कार और उसमें सवार लोगों की तलाशी ली गई। मोबाइल में मिले साइबर ठगी के डिजिटल सबूत तलाशी के दौरान चार मोबाइल फोन बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, मोबाइल की जांच में कई व्हाट्सऐप चैट, वॉयस चैट, क्यूआर कोड और बैंक खातों से संबंधित जानकारी मिली। पुलिस इन्हें साइबर ठगी से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मानकर जांच कर रही है। लोन के नाम पर दस्तावेज जुटाकर ठगी का आरोप पुलिस के मुताबिक, आरोपी लोगों को लोन दिलाने का झांसा देते थे। इसके लिए उनसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक अकाउंट की जानकारी और फोटो लिए जाते थे। इसके बाद प्रोसेसिंग शुल्क और जीएसटी के नाम पर क्यूआर कोड के जरिए रकम मंगाई जाती थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तरीके से कितने लोगों को निशाना बनाया गया। नालंदा और शेखपुरा के आरोपी गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों में नालंदा जिले के श्यामलाल कुमार और तुलसी कुमार, शेखपुरा के प्रिंस कुमार के अलावा एक नाबालिग शामिल है। पुलिस ने इनके पास से मिले मोबाइल और अन्य डिजिटल जानकारी के आधार पर साइबर ठगी के नेटवर्क की जांच तेज कर दी है। मोबाइल और बैंक डिटेल से खुलेगा नेटवर्क का राज पुलिस बरामद मोबाइल में मिले चैट, क्यूआर कोड और बैंक खातों की जानकारी खंगाल रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गिरोह से और कितने लोग जुड़े हैं और ठगी की रकम किन खातों में भेजी जाती थी। कार्रवाई के बाद सभी आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे भेज दिया गया है।  

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