भाद्राजून थाना क्षेत्र के सेलड़ी गांव में शनिवार दोपहर घर के छपरे में अचानक लग गई। हादसे 65 साल की दादी और उसके 2 मासूम पोते गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें प्राथमिक इलाज के बाद जोधपुर रेफर किया गया है। वहीं, आग के बीच फंसे एक बच्चे को ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। चाय बनाते समय हवा के झोंके से भड़की आग
जानकारी के अनुसार, दोपहर में छपरे के भीतर चाय बनाई जा रही थी। उसी दौरान हवा का तेज झोंका आने से पास में रखा सूखा चारा आग की चपेट में आ गया। देखते ही देखते लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे छपरे में आग लग गई। हादसे में मोरकी देवी(65) पत्नी राजाराम, रामचंद्र(10) पुत्र दलाराम बावरी और गांधीराम(8) पुत्र दलाराम झुलस गए। आग इतनी तेजी से फैली कि छपरे में रखा घरेलू सामान, कपड़े और अन्य सामग्री जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने मासूम को बचाया
जिस वक्त छपरे में आग भड़की, उस समय भरत कुमार(13) भी भीतर ही फंस गया था। चारों तरफ उठती लपटों को देख ग्रामीणों ने अदम्य साहस का परिचय दिया और जान जोखिम में डालकर बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मासूम को सेलड़ी निवासी भगराज बंजारा, जोगाराम बंजारा, बदराम सरगरा और आईपुरा निवासी लक्ष्मण राम और रमेश कुमार ने बचाया। तीनों जोधपुर रेफर
घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में एकत्र हुए ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। झुलसे हुए तीनों पीड़ितों को तत्काल भाद्राजून सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद तीनों की गंभीर हालत को देखते हुए जोधपुर रेफर कर दिया। पुलिस ने शुरू की जांच
हादसे की सूचना मिलते ही भाद्राजून थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में हादसे का कारण चाय बनाते समय हवा के झोंके से सूखे चारे में आग लगना सामने आया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

