Congress leader Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लोगों की परेशानी और उनके संघर्ष को सामने लाने के लिए ‘सत्याग्रह’ नाम से एक नई पहल शुरू की है। उन्होंने देशभर के लोगों से कहा है कि अगर वे किसी गलत बात या अन्याय के खिलाफ लड़ रहे हैं तो अपनी कहानी उनके साथ साझा करें। राहुल गांधी के मुताबिक, लोगों की ये कहानियां एक नक्शे पर दिखाई जाएंगी। इससे लोगों को पता चलेगा कि उनके जैसे मुद्दों से जूझ रहे दूसरे लोग देश में कहां-कहां हैं।
‘अकेले बोलेंगे तो आवाज दब सकती है’
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि देश में बहुत से लोग अपने हक के लिए आवाज उठा रहे हैं। इनमें Gen Z, छात्र, किसान, आदिवासी, दलित और महिलाएं भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि हर किसी की अपनी परेशानी और अपनी कहानी है। लेकिन जब कोई अकेले अपनी बात कहता है तो उसकी आवाज दब सकती है। इसलिए इस पहल के जरिए अलग-अलग लोगों की आवाज को एक साथ जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
आपकी कहानी नक्शे पर दिखेगी
राहुल गांधी ने कहा कि जो लोग अपनी कहानी भेजेंगे, उनकी कहानी एक नक्शे पर दिखाई जाएगी। इससे लोग देख सकेंगे कि उनके जैसे दूसरे लोग भी अपनी बात को लेकर आवाज उठा रहे हैं।
उन्होंने लोगों से कहा कि अपनी कहानी भेजने में करीब दो मिनट लगेंगे। इसके जरिए वे अपनी परेशानी दूसरों तक पहुंचा सकेंगे और यह भी देख सकेंगे कि इसी तरह की परेशानी से जूझ रहे लोग देश के किन हिस्सों में हैं।
संसद में भी उठाएंगे लोगों की बात
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष के नेता के तौर पर जहां भी उनकी जरूरत होगी, वह लोगों के साथ खड़े होंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो वह संसद में उनकी बात उठाएंगे, सड़क पर उनके साथ खड़े होंगे या फिर सरकार को पत्र लिखेंगे।
उनका कहना है कि लोगों की समस्या जहां भी होगी, वह अपनी तरफ से वहां मदद करने की कोशिश करेंगे।
गांधी के सत्याग्रह का किया जिक्र
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में महात्मा गांधी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गांधी ने सिखाया था कि सच सबसे बड़ी ताकत है। लेकिन सच के साथ एकजुट होकर खड़ा होना उससे भी जरूरी है।
‘सत्याग्रह’ पहल के जरिए अब लोगों को अपनी परेशानी और अपने संघर्ष की कहानी सीधे साझा करने का मौका दिया जा रहा है। राहुल गांधी ने अपील की है कि जो भी व्यक्ति किसी अन्याय के खिलाफ लड़ रहा है, वह अपनी कहानी भेजे।
आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि कितने लोग इस पहल से जुड़ते हैं और उनकी ओर से सामने आने वाली समस्याओं को राहुल गांधी किस तरह आगे उठाते हैं।

