जयपुर। लंबे समय से प्रतीक्षित पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव का ऐलान आज होगा। राज्य निर्वाचन आयोग दोपहर 3 बजे चुनाव कार्यक्रम जारी करेगा। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आचार संहिता लागू हो जाएगी व तबादलों पर रोक लग जाएगी। प्रक्रिया 15 नवंबर तक पूरी होने की संभावना है। पंच-सरपंच चुनाव विना पार्टी सिंबल, मतपत्र से होंगे वहीं जिला परिषद व पंचायत समिति चुनाव पार्टी सिंबल पर ईवीएम से होंगे। मतदान 4 चरणों में हो सकता है।
करीब 1.69 लाख से अधिक पंचायत प्रतिनिधि चुने जाएंगे। इनमें महिलाओं के लिए 50% आरक्षण लागू रहेगा। पंचायत चुनाव में 4.03 करोड़ से अधिक मतदाता मतदान करेंगे। सरपंच, तीनों स्तरों की पंचायती राज संस्थाओं के लिए हर मतदाता को कुल 4 वोट देने होंगे। जिला परिषद और पंचायत समितियों के वार्ड सदस्यों का चुनाव ईवीएम से, जबकि सरपंच और ग्राम पंचायत वार्ड पंचों का चुनाव बैलेट से कराया जाएगा।
जिला परिषदों में जयपुर में सबसे अधिक 18,99,794 मतदाता है, जबकि जैसलमेर में सबसे कम 4,36,951, पंचायत समितियों में खंडेला में सर्वाधिक 2,24,942 और सामराऊ में सबसे कम 28,599 मतदाता है। महिला मतदाताओं की संख्या 28 पंचायत समितियों में पुरुषों से अधिक है।
प्रति 100 पुरुष वोटर पर 93 महिला मतदाता
कुल 4,03,02,005 मतदाताओं में 2,08,85,269 पुरुष और 1,94,16,569 महिलाएं है। यानी प्रति 100 पुरुष मतदाताओं पर करीब 93 महिला मतदाता है। प्रतापगढ़ और चित्तौड़गढ़ जिला परिषद क्षेत्रों में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक है।
एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण
सरपंच में एसटी के लिए 3,058. एससी के लिए 2,493 व ओबीसी के लिए 1,961 पद आरक्षित हैं। बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और सलूंबर में एसटी के सभी 1,253 सरपंच पद आरक्षित हैं। वार्ड पंच में एससी के 21,962, एसटी के 19,117 और ओबीसी के करीब 15 हजार वार्ड आरक्षित हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में सियासी ताकत की परीक्षा
निकाय चुनाव के बाद पंचायतीराज चुनाव सत्तापक्ष और विपक्ष के लिए एक और बड़ी राजनीतिक परीक्षा होंगे। अधिक वार्ड जीतकर प्रमुख-प्रधान के पद हासिल करना अहम होगा। कांग्रेस, भाजपा के साथ सीपीआइएम, रालोपा, बीएपी, बीएसपी, रालोद और आप जैसे दल भी मैदान में उतर सकते हैं।
इनका होगा चुनाव
41 जिला प्रमुख
1,403 जिला परिषद सदस्य
457 प्रधान
8,245 पंचायत समिति सदस्य
14,403 सरपंच
1,30,589 वार्ड पंच

