Jaundice Cause: अक्सर जब किसी व्यक्ति की आंखें या त्वचा हल्की पीली दिखने लगती है, तो लोग इसे सामान्य थकान या कमजोरी मानकर टाल देते हैं। लेकिन शरीर में दिखने वाला यह पीलापन पीलिया यानी जॉन्डिस (Jaundice) का एक स्पष्ट संकेत हो सकता है। इसे बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि यह इस बात का संकेत है कि आपके लिवर या पाचन तंत्र में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। पीलिया अपने आप में कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर में पनप रही किसी अंदरूनी बीमारी का एक प्रमुख लक्षण है। आइए समझते हैं कि पीलिया क्या है, यह क्यों होता है और इससे जुड़ी कौन-कौन सी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
क्या होता है पीलिया (Jaundice)?
हैल्थडायरेक्ट के मुताबिक, हमारे शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं (Red Blood Cells) पुरानी होने के बाद टूटती हैं। इस प्रक्रिया के दौरान एक पीले रंग का अपशिष्ट पदार्थ बनता है, जिसे बिलिरूबिन (Bilirubin) कहते हैं। सामान्य स्थिति में, लिवर इस बिलिरूबिन को खून से बाहर निकालता है और इसे पित्त (Bile) के माध्यम से शरीर से बाहर निकाल देता है। लेकिन जब किसी कारण से लिवर बिलिरूबिन को ठीक से प्रोसेस नहीं कर पाता या खून में इसकी मात्रा जरूरत से ज्यादा बढ़ जाती है, तो यह त्वचा, आंखों के सफेद हिस्से (Sclera) और शरीर के ऊतकों में जमा होने लगता है। इसके कारण आंखें और त्वचा पीली दिखाई देने लगती हैं।
पीलिया होने के मुख्य कारण
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, पीलिया होने के पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं, जिन्हें समझना जरूरी है;
- लिवर की बीमारियां।
- पित्त की नली में रुकावट।
- अत्यधिक लाल रक्त कोशिकाओं का टूटना।
- शराब का अत्यधिक सेवन।
पीलिया के प्रमुख लक्षण
- डार्क या गहरे पीले रंग का पेशाब होना।
- हल्के या मटमैले रंग का मल (Stool) आना।
- त्वचा में लगातार तेज खुजली होना।
- पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द या भारीपन महसूस होना।
- हर समय अत्यधिक थकान और कमजोरी लगना।
- हल्का बुखार, उल्टी या मिचली जैसा महसूस होना।
कब और कौन से टेस्ट कराने चाहिए?
अगर आपको आंखों में पीलापन या ऊपर बताए गए लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर कारण का पता लगाने के लिए निम्न टेस्ट कराने की सलाह देते हैं;
- लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT)।
- कंप्लीट ब्लड काउंट (CBC)।
- अल्ट्रासाउंड (Ultrasound)है।
- CT स्कैन या MRI।
पीलिया से बचाव के असरदार उपाय
पीलिया से बचने और अपने लिवर को मजबूत व सुरक्षित रखने के लिए दिनचर्या और खान-पान में कुछ जरूरी आदतों को शामिल करना चाहिए;
- साफ और उबला पानी ही पीएं।
- बाहर के खुले और दूषित खाने से बचें।
- शराब और नशीली चीजों से दूरी बनाएं।
- संतुलित और हल्का भोजन लें।
- हाथों की सफाई का ध्यान रखें।
- बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं न लें।
- हेपेटाइटिस का टीकाकरण कराएं।

