Jodhpur Drought : जोधपुर. राजस्थान के मारवाड़ में एक बार फिर सूखे जैसे हालात हो गए हैं। बारिश पर्याप्त न होने से मारवाड़ के जोधपुर जिले की 13 में से आठ तहसीलों में सूखे जैसे हालात हैं। प्रशासन की ओर से गिरदावरी करवाई जा रही है। प्रारम्भिक आंकलन के हिसाब से बारिश न होने से इन तहसीलों के कई गांवों में 50 प्रतिशत व कई गांवों में इससे भी अधिक फसलें खराब हो चुकी हैं। आने वाले दिनों में इन गांवों में पशुओं के लिए चारे व पानी का संकट हो सकता है। प्रशासन जल्द ही इनमें अकाल घोषित कर सकता है। अभी से ही चारे के भाव आसमान पर पहुंच चुके हैं।
जिले में 33 प्रतिशत कम हुई बारिश
राजस्थान से मानसून विदा हो चुका है। जोधपुर जिले में औसत बारिश भी नहीं हुई है। करीब 33 प्रतिशत कम बारिश हुई है। बांध व तालाब और अन्य जलाशयों में पर्याप्त पानी नहीं आया है। जिसके चलते गांवों में फसलें जल गईं और किसानों को भारी नुकसान हुआ। वहीं, मवेशियों के लिए चारे व पानी की कमी होने लगी है।
दो हजार गांवों में सूखे जैसे हालात
जोधपुर जिले में 13 तहसील हैं। इनमें से 8 तहसीलों में सूखे जैसे हालात हैं। करीब 1900 से 2000 गांवों में सूखे जैसे हालात बताए जा रहे हैं। चारे व पानी की कमी होने लगी है।
सीएम भजनलाल ने दिए थे विशेष निर्देश
गत 30 सितम्बर को जोधपुर दौरे पर आए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बारिश कम होने की वजह से समुचित व्यवस्था करने की बात कही थी। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश भी दिए थे।
सरकार से राहत कार्य के निर्देश
जोधपुर जिले में बारिश कम होने से पानी की कमी है। आठ तहसीलों में हालत खराब हैं। गिरदावरी कराई गई है। सरकार से भी राहत कार्य के निर्देश मिले हैं।
आलोक रंजन, जिला कलक्टर, जोधपुर
पश्चिमी राजस्थान में 23 फीसद कम बारिश
मौसम विभाग की ओर से प्राप्त जानकारी के अनुसार पूरे प्रदेश में इस सीजन (01 जून से 30 सितंबर तक) 435.6 की तुलना में 358 मिमी बारिश हुई जो सामान्य से 18 फीसद कम है। पश्चिमी राजस्थान में 283.6 की तुलना में 218.3 मिमी बारिश हुई जो 23 फीसद कम है। इसी प्रकार पूर्वी राजस्थान में यह 626.6 की तुलना में 533.5 मिमी है जो 15 फीसद कम है। बाड़मेर में इस बार खरीफ सीजन में 191 एमएम और पूरे वर्ष में अब तक 207 एमएम बारिश हुई है।

