मुंबई, दो अक्टूबर आईआईटी मुंबई के दूसरे वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की कथित आत्महत्या के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के एक समूह ने शुक्रवार को संस्थान के प्रशासन की जवाबदेही तय करने और निदेशक के इस्तीफे की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू कर दी। पिछले 15 दिनों से प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने अपना आंदोलन तेज करने का फैसला किया, क्योंकि मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल कर रहे वाकोडे के माता-पिता को पुलिस ने सप्ताहांत में अपना प्रदर्शन जारी रखने की अनुमति नहीं दी। साहिल वाकोडे 18 सितंबर को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई के छात्रावास के कमरे में मृत पाए गए थे।
आरोप है कि उन्हें मध्य-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान नकल करते हुए पकड़ा गया था। प्रदर्शनकारी छात्रों ने शुक्रवार को मुख्य द्वार की ओर मार्च किया और प्रशासन के समक्ष 18 सूत्री मांगों का ज्ञापन प्रस्तुत किया। मुख्य मांगों में वाकोडे की मौत की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच, संस्थान द्वारा गठित जांच समिति में बदलाव, आईआईटी मुंबई के निदेशक शिरीष केदारे का इस्तीफा और प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला का निलंबन शामिल है।
वाकोडे के माता-पिता ने उन पर जाति आधारित भेदभाव का आरोप लगाया है। छात्रों ने कहा कि वे न्याय और संस्थान की जवाबदेही की मांग को लेकर भूख हड़ताल के जरिए अपना आंदोलन जारी रखेंगे।

